इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इस युद्ध को और अधिक घातक बनाते हुए अमेरिकी वायुसेना ने अपने सबसे शक्तिशाली स्ट्रैटेजिक बॉम्बर बी-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस (B-52H Stratofortress) को सक्रिय रूप से तैनात कर दिया है। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत हो रही यह तैनाती ईरान के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरी है।
परमाणु हमले में सक्षम है यह बीस्ट बी-52 बॉम्बर को डूम्सडे बॉम्बर के नाम से जाना जाता है। यह अमेरिका की परमाणु त्रयी (Nuclear Triad) का एक अहम हिस्सा है। यह न केवल पारंपरिक बम फेंकने में सक्षम है, बल्कि परमाणु बम और AGM-86 जैसे परमाणु क्रूज मिसाइलों को ले जाने की क्षमता भी रखता है। हालाँकि वर्तमान में अमेरिका पारंपरिक हमले कर रहा है, लेकिन इसकी परमाणु क्षमता ही इसे सबसे घातक बनाती है।
अजेय क्षमता और पेलोड इस बॉम्बर की मारक क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह एक बार में 32 टन (लगभग 70,000 पाउंड) तक का पेलोड लेकर उड़ान भर सकता है। इसमें प्रेसिजन-गाइडेड बम, क्रूज मिसाइलें और माइंस शामिल हैं। यह 14,000 किमी से अधिक की दूरी तय कर सकता है और 50,000 फीट की ऊंचाई से दुश्मन के अड्डों को तबाह करने में सक्षम है।
बिना घेरे में आए हमले की ताकत बी-52 की सबसे बड़ी खूबी इसकी स्टैंड-ऑफ हमला करने की क्षमता है। इसका मतलब है कि इसे दुश्मन के एयरस्पेस में गहराई तक प्रवेश करने की जरूरत नहीं होती। यह सुरक्षित दूरी से ही मिसाइलें दागकर दुश्मन के लक्ष्यों को नेस्तनाबूद कर सकता है। चूंकि ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम पहले ही काफी कमजोर हो चुका है, इसलिए बी-52 अब बिना किसी बड़े जोखिम के ईरान के अंदरूनी हिस्सों में प्रहार कर रहा है।
100 घंटों में 2,000 से ज्यादा ठिकानों पर प्रहार फरवरी के अंत से शुरू हुए इस ऑपरेशन में अमेरिका ने बी-52 के साथ बी-1 और बी-2 बॉम्बर का भी उपयोग किया है। CENTCOM की रिपोर्ट के मुताबिक, केवल पहले 100 घंटों के भीतर 2,000 से अधिक लक्ष्यों को निशाना बनाया गया है। इसमें ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स, कमांड एंड कंट्रोल पोस्ट और अन्य प्रमुख सैन्य ठिकाने शामिल हैं।
ब्रिटेन से भर रहे हैं उड़ान अमेरिकी वायुसेना ने इन बॉम्बर्स को ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड बेस पर तैनात किया है। यहीं से ये विमान ईरान के ऊपर मिशन को अंजाम दे रहे हैं। दशकों पुराने होने के बावजूद, समय-समय पर किए गए तकनीकी अपग्रेड ने बी-52 को आज भी दुनिया का सबसे खौफनाक हथियार बना रखा है। फिलहाल, इनका मुख्य लक्ष्य ईरान के सैन्य ढांचे को पूरी तरह तहस-नहस करना है।
Nuke-capable B-52 takes off to bomb Iran https://t.co/yNPMD450S7 pic.twitter.com/rf4erOB9R2
— RT (@RT_com) March 15, 2026
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