ईरान ने जंग में पहली बार छोड़ी नाचती हुई तबाही , रडार देखते ही नागिन की तरह लहराती है ये मिसाइल
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पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान ने अपनी सैन्य ताकत का सबसे घातक प्रदर्शन किया है। इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत अपनी मशहूर डांसिंग मिसाइल सेजिल-2 (Sejjil-2) को पहली बार अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ तैनात किया है।

क्या है डांसिंग मिसाइल की खासियत? सेजिल-2 ईरान की दूसरी पीढ़ी की मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जो ठोस ईंधन (Solid Fuel) से चलती है। इसकी लंबाई करीब 18 मीटर है और यह 700 किलोग्राम तक का वारहेड ले जाने में सक्षम है। 2,000 से 2,500 किलोमीटर की मारक क्षमता के साथ यह मिसाइल सीधे इजरायल, सऊदी अरब और कुवैत स्थित अमेरिकी अड्डों तक पहुंचने की ताकत रखती है।

मौत का नाच: रडार को चकमा देने में माहिर इसे डांसिंग मिसाइल इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसका री-एंट्री व्हीकल बेहद उन्नत है। टारगेट की ओर बढ़ते हुए यह मिसाइल हवा में नागिन की तरह लहराती है, जिससे दुश्मन के रडार इसे ट्रैक नहीं कर पाते। जून 2025 के 12-दिवसीय युद्ध में इस मिसाइल ने इजरायल के आयरन डोम और ऐरो डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह धता बता दिया था।

अमेरिकी बेस बने नया निशाना IRGC के ताजा हमलों में इराक के अल-हरिर और कुवैत के अली अल-सलेम व कैंप अरिफजान जैसे अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। विश्लेषकों का मानना है कि सेजिल-2 का अमेरिकी ठिकानों पर इस्तेमाल ईरान की नई और आक्रामक रणनीति को दर्शाता है, जो अब सीधे तौर पर क्षेत्र में अमेरिकी उपस्थिति को चुनौती दे रही है।

अभेद्य क्यों है सेजिल-2?

  1. ठोस ईंधन: इसे लॉन्च के लिए लंबी तैयारी की जरूरत नहीं होती, यह मिनटों में तैयार हो जाती है।
  2. एंटी-रडार कोटिंग: ईरानी इंजीनियरों ने इसे रडार से बचने वाली विशेष कोटिंग दी है।
  3. मैन्यूवरेबिलिटी: हवा में दिशा बदलने की इसकी अद्भुत क्षमता अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम के लिए भी सिरदर्द बनी हुई है।

ईरानी कमांडरों का दावा है कि उनकी यह मिसाइल तकनीक अब अमेरिकी उन्नत रक्षा प्रणालियों पर भारी पड़ रही है। 2008 में अपने पहले परीक्षण से लेकर अब तक 6 सफल उड़ानें भरने के बाद, सेजिल-2 आज ईरान के तरकश का सबसे घातक काल बन चुकी है।

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