जिंदगी और मौत के बीच 13 साल का संघर्ष: हरीश राणा का भावुक वीडियो देख छलके लोगों के आंसू
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जिंदगी कभी-कभी इंसान को ऐसे मोड़ पर ला खड़ा करती है, जहां उम्मीद और दर्द के बीच फर्क करना मुश्किल हो जाता है। गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाले हरीश राणा का परिवार पिछले 13 वर्षों से इसी कशमकश में जी रहा है। एक होनहार इंजीनियरिंग छात्र जो कभी सपनों से भरा था, अब मेडिकल मशीनों का मोहताज है। अब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इच्छा मृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की अनुमति दे दी है, जिसके बाद सामने आया उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों को रुला रहा है।

हादसे ने छीनी खुशियां 13 साल पहले एक भयानक हादसे ने हरीश के जीवन को पूरी तरह बदल दिया। वह स्थायी वेजिटेटिव स्टेट (Persistent Vegetative State) में चले गए। न वह चल सकते थे, न बोल सकते थे और न ही दुनिया को समझ पा रहे थे। तब से उनका शरीर केवल मेडिकल सपोर्ट और ट्यूब के सहारे सांसें ले रहा था। परिवार के लिए ये 4588 दिन किसी लंबी त्रासदी से कम नहीं थे।

भावुक कर देने वाला अंतिम पल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक भावुक कर देने वाला मंजर कैद है। वीडियो में एक महिला हरीश के सिर पर हाथ फेरते हुए बेहद भारी मन से कह रही है, सबको माफ करते हुए और सबसे माफी मांगते हुए अब जाओ। इस दौरान हरीश अपनी जुबान हिलाकर कुछ कहने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी शारीरिक स्थिति उनकी आवाज को बाहर नहीं आने दे रही। यह दृश्य किसी का भी कलेजा चीर देने के लिए काफी है।

सुप्रीम कोर्ट का कड़ा और संवेदनशील फैसला लंबे समय तक चली कानूनी लड़ाई और मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट्स को आधार मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हरीश को पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दी है। अदालत ने निर्देश दिया है कि उन्हें दिल्ली के एम्स के पेलिएटिव केयर विभाग में भर्ती कराया जाए। कोर्ट ने इसे मानवीय गरिमा के साथ अंतिम विदाई देने की प्रक्रिया के रूप में देखा है।

हटाए जाएंगे जीवन रक्षक उपकरण कोर्ट के आदेश के बाद, अब हरीश के शरीर से धीरे-धीरे जीवन रक्षक उपकरण हटाए जाएंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि पीईजी ट्यूब के जरिए दिया जाने वाला पोषण भी मेडिकल ट्रीटमेंट का ही हिस्सा है, जिसे हटाना पैसिव यूथेनेशिया की प्रक्रिया में शामिल है। डॉक्टरों की पूरी टीम इस प्रक्रिया को बेहद संवेदनशील तरीके से पूरा करेगी।

इंटरनेट पर उमड़ा सहानुभूति का सैलाब इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का तांता लग गया है। एक यूजर ने लिखा, यह दृश्य देखकर कलेजा फट गया। वहीं अन्य ने कमेंट किया कि यह केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं है, बल्कि मां-बाप के दिल पर पत्थर रखकर लिया गया सबसे कठिन फैसला है। लोग इस परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।

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