हरियाणा में आयोजित आरएसएस की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के दौरान सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई के निधन पर टिप्पणी करते हुए भारतीय संस्कृति और परंपरा का हवाला दिया।
होसबले ने स्पष्ट किया कि भारतीय परंपरा के अनुसार, जीवित रहते हुए किसी का वैचारिक विरोध किया जा सकता है, लेकिन मृत्यु के बाद विरोध करने की कोई परंपरा नहीं है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विरोध हमेशा शांतिपूर्ण और मर्यादित होना चाहिए।
दुर्गम क्षेत्रों में संघ का बढ़ा दायरा संगठनात्मक विस्तार पर चर्चा करते हुए होसबले ने कहा कि संघ अब देश के दूर-दराज के इलाकों तक पहुंच रहा है। अरुणाचल प्रदेश, अंडमान और लेह जैसे दुर्गम क्षेत्रों में आज संघ की शाखाएं संचालित हो रही हैं। उनका लक्ष्य है कि देश के हर कोने तक स्वयंसेवकों की पहुंच हो, ताकि राष्ट्र को एकता की डोर में बांधा जा सके।
शताब्दी वर्ष में रिकॉर्ड विस्तार संघ के शताब्दी वर्ष के आंकड़ों पर रोशनी डालते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान में देशभर में 55,683 स्थानों पर 88,949 शाखाएं चल रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी सुदूर इलाके में एक भी शाखा है, तो इसका अर्थ है कि वहां राष्ट्रभक्ति और एकता की भावना का संचार करने वाले स्वयंसेवक मौजूद हैं।
औपनिवेशिक मानसिकता को जड़ से मिटाना लक्ष्य दत्तात्रेय होसबले ने जोर देकर कहा कि आरएसएस की प्रमुख प्राथमिकता समाज से औपनिवेशिक मानसिकता (Colonial Mindset) को समाप्त करना है। इसके लिए समाज की सज्जन शक्तियों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।
विस्तृत गृह संपर्क और युवाओं पर ध्यान शताब्दी वर्ष को देखते हुए संघ ने व्यापक गृह संपर्क अभियान शुरू किया है। युवाओं को जोड़ने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। पोर्ट ब्लेयर में आयोजित कार्यक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अंडमान के नौ द्वीपों से करीब 13 हजार लोगों ने इसमें भाग लिया, जो संगठन की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।
आगामी कार्ययोजना: 80 से अधिक संभागों का गठन संघ ने अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए नई रणनीति बनाई है। होसबले ने बताया कि अप्रैल से जून के बीच 75 विशेष प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, संगठन के बेहतर प्रबंधन के लिए प्रांतों के अलावा 80 से अधिक नए संभाग बनाए जाएंगे, ताकि जमीनी स्तर पर संघ का कामकाज और अधिक सुचारू रूप से चल सके।
*#WATCH | Panipat, Haryana | RSS General Secretary Dattatreya Hosabale says, On the occasion of the centenary of the Sangh this year, we had specifically deliberated on the programs for the centenary year... From an organisational perspective, we discussed the expansion of Sangh… pic.twitter.com/E1x8WofLz4
— ANI (@ANI) March 15, 2026
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