हाथ-पैर टूटे हैं, अब कुछ और भी टूटेगा : मिथुन के बयान से बंगाल की सियासत गर्म, टीएमसी ने बताया महिला विरोधी
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पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है। राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले ही नेताओं के बीच वार-पलटवार का दौर तेज हो गया है। हाल ही में कोलकाता के एक मंच से बीजेपी नेता और दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती द्वारा दिए गए एक बयान ने बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया है।

क्या है मिथुन का वह विवादास्पद बयान?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोलकाता रैली के दौरान मिथुन चक्रवर्ती अपने पुराने फिल्मी और आक्रामक अंदाज में नजर आए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, मैंने आज तक ऐसी मुख्यमंत्री नहीं देखी। मैं फिर से कह रहा हूं, हाथ टूटा है, पैर टूटा है, अब कुछ और टूटेगा। तब आप आईसीयू (ICU) से बैठकर भाषण देंगी।

मिथुन का यह बयान ममता बनर्जी की पिछली चोटों पर एक कटाक्ष था, जिसे तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने एक सीधी शारीरिक धमकी करार दिया है।

टीएमसी का तीखा पलटवार

जैसे ही मिथुन का यह वीडियो वायरल हुआ, टीएमसी ने बीजेपी पर चौतरफा हमला बोल दिया। पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस बयान की कड़ी निंदा की। टीएमसी ने इसे गैर-जिम्मेदाराना और घृणास्पद बताते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि एक महिला मुख्यमंत्री के प्रति बीजेपी की नफरत और घटिया मानसिकता का प्रमाण है।

टीएमसी ने सवाल उठाया कि जो पार्टी नारी शक्ति के नारे लगाती है, उसके नेता एक निर्वाचित महिला मुख्यमंत्री के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं? पार्टी का आरोप है कि महिलाओं के प्रति बीजेपी का सम्मान केवल दिखावा है।

500 रुपये की भीड़ के दावे पर मिथुन का कटाक्ष

अपने संबोधन में मिथुन ने ममता बनर्जी के उस दावे का भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि बीजेपी अपनी रैलियों में लोगों को 500 रुपये देकर बुलाती है।

मिथुन ने मजाकिया लहजे में पलटवार करते हुए कहा, राज्य की मुखिया दावा करती हैं कि बीजेपी 500 रुपये देकर लोगों को यहां लाई है। लेकिन खुद उनका ही मानना है कि आज के समय में 1500 रुपये देकर भी भीड़ इकट्ठा नहीं की जा सकती। उन्होंने ब्रिगेड मैदान में उमड़ी भीड़ को जनता का स्वतः प्यार बताया और टीएमसी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया।

फिलहाल, इस बयानबाजी ने बंगाल के चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में चुनाव आयोग और जनता इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

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