बस्ती जनपद के जिलाधिकारी, आईएएस रविश कुमार गुप्ता, अपनी अनोखी कार्यशैली से लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। उनकी कार्यशैली की हर जगह सराहना हो रही है।
यह अधिकारी कभी दोपहर की तपती धूप में खेतों में गेहूं काटते नजर आते हैं, तो कभी बच्चों को शिक्षा देने के लिए खुद क्लास में पहुंच जाते हैं। जिलाधिकारी रवीश कुमार गुप्ता को एक ईमानदार और सरल स्वभाव वाला अफसर माना जाता है।
बस्ती में तैनाती के दौरान उन्होंने सरकार की सभी योजनाओं को समयबद्ध और कानूनी तरीके से लागू करवाने में अहम भूमिका निभाई है। प्रशासनिक शिकायतों के निस्तारण के मामले में IGRS रैंकिंग में बस्ती जनपद ने प्रदेश भर में सातवां स्थान हासिल किया है।
4 अप्रैल को डीएम रवीश कुमार गुप्ता अपने कार्यालय से अचानक निकले और चिलवनिया स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पहुंच गए। वहां उन्होंने विद्यालय का निरीक्षण किया और पाई गई कमियों को जल्द सुधारने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जब वह छात्राओं की कक्षा में पहुंचे और ब्लैकबोर्ड व मार्कर देखा, तो खुद को रोक नहीं सके और शिक्षक की भूमिका निभाते हुए बच्चियों को पढ़ाना शुरू कर दिया। छात्राओं ने डीएम को अपने बीच पाकर बेहद उत्साह और खुशी व्यक्त की।
विद्यालय से लौटते समय डीएम अचानक एक खेत में पहुंचे और वहां खड़ी गेहूं की फसल को देखकर खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने स्वयं गेहूं की कटाई शुरू कर दी, जिससे वहां मौजूद किसान चकित रह गए।
जिलाधिकारी रवीश कुमार गुप्ता ने तहसील सदर बस्ती के ग्राम पंचायत सिकरा हकीम अंतर्गत ग्राम करनपुर में गेहूं की रबी फसल का निरीक्षण किया। उन्होंने खेतों की उपज की जांच हेतु गाटा संख्या 86 (कमलावती पत्नी सीताराम) और गाटा संख्या 36 (अब्दुल) के खेतों में कुल 43.30 वर्ग मीटर क्षेत्र में गेहूं की कटाई कराई और फसल की उत्पादकता का आकलन किया।
*बस्ती जिले के जिलाधिकारी रवीश गुप्ता का अलग अंदाज देखने को मिला! शायद ही पहले कोई DM का ये अंदाज जिले के लोगों ने देखा हो!
— Avinash Tiwari (@TaviJournalist) April 4, 2025
गेहूं के खेत में कटाई करते डीएम साहब और बच्चों के बीच एक आम शिक्षक की तरह पढ़ाते आईएएस रवीश गुप्ता जी!
वाकई इस तस्वीर ने खुशी दी है@dmbas_ @bastipolice pic.twitter.com/rrc5KeL3wy
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