मनोज कुमार: सांस की तकलीफ कितनी खतरनाक? क्यों निधन का कारण बनी?
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दशकों तक बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने वाले दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार का 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्हें भारत पुत्र के नाम से भी जाना जाता था।

मनोज कुमार को पिछले कुछ हफ़्तों से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।

अभिनेता मनोज कुमार दिल की बीमारी से भी पीड़ित थे। उम्र बढ़ने के साथ सांस लेने में तकलीफ होना आम है, खासकर 75 साल के बाद। ऐसा दिल और ब्लड वेसल्स में बदलाव के कारण हो सकता है, जो दिल की बीमारियों का कारण बनते हैं।

सांस लेने में तकलीफ या रेस्पिरेटरी समस्याएं किसी भी व्यक्ति के लिए कष्टकारी हो सकती हैं। यह न केवल शारीरिक दर्द का कारण बनती है बल्कि मानसिक तनाव को भी उत्पन्न कर सकती है। मनोज कुमार को भी पिछले 1 महीने से यह परेशानी हो रही थी, जिसके कारण उनका निधन हो गया। सांस लेने में परेशानी दिल से संबंधित हो सकती है और हार्ट प्रॉब्लम्स मोटापा, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल से लेकर बीपी की समस्या से होती हैं।

सांस लेने में कठिनाई के कई कारण हो सकते हैं, जो शारीरिक, मानसिक और पर्यावरणीय तीनों कारणों से संबंधित होते हैं।

सांस लेने की तकलीफ के कुछ मुख्य कारण:

  1. अस्थमा: रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट का सिकुड़ना और सूजन सांस लेने में दिक्कत पैदा कर सकती है।
  2. सीओपीडी (Chronic Obstructive Pulmonary Disease): यह बीमारी फेफड़ों में सूजन और वायु मार्ग में रुकावट पैदा करती है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है।
  3. हृदय रोग: दिल से संबंधित समस्याएं भी सांस की समस्याओं का कारण बन सकती हैं, जैसे कि दिल में खून की पंपिंग धीमी होना या कोलेस्ट्रॉल का ब्लड वेसल्स में जमना।
  4. संक्रमण: धूल, धुआं या पॉलिन जैसी एलर्जी भी रेस्पिरेटरी सिस्टम को प्रभावित कर सकती हैं।
  5. धूम्रपान: लंबे समय से धूम्रपान करने वालों के फेफड़े कमजोर होते हैं।
  6. वजन बढ़ना: ओबेसिटी से भी शरीर पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे फेफड़ों को सही से काम करने में परेशानी होती है।

सांस लेने की समस्या के कुछ सामान्य लक्षण:

दिल्ली के सीनियर पल्मनोलॉजिस्ट डॉक्टर दीपक भसीन बताते हैं कि सांस फूलने की समस्या का मतलब है, जब हम नॉर्मल टाइम में सांस ले रहे हैं, तो कभी सांस लेने की बात पर गौर नहीं करते हैं, लेकिन जब हम यह ध्यान देने लगते हैं कि हमें सांस लेनी है, तो समझ जाइए कि आपको शॉर्टनेस ऑफ ब्रीदिंग यानी सांस लेने में कमी हो रही है।

एक्सपर्ट के मुताबिक, जब भी आपको ऐसी समस्या महसूस हो रही है, तो तुरंत ही मेडिकल हेल्प ले और डॉक्टर से मिलें। शुरुआती इलाज के लिए आप खुली हवा में सांस ले सकते हैं। अगर तब भी राहत न मिलें, तो देरी न करें।

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