राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने वक्फ (संशोधन) विधेयक पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तंज पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि वे संसद में नहीं हैं, खासकर ऐसे समय में जब मुसलमानों, अन्य अल्पसंख्यकों और गरीबों के अधिकारों और संविधान पर हमला हो रहा है।
लोकसभा में बहस के दौरान अमित शाह ने लालू यादव के वक्फ को लेकर एक पुराने बयान का हवाला दिया था और कहा था कि मोदी जी ने लालू यादव की इच्छा पूरी की है । शाह ने 2013 में लालू यादव के एक भाषण का जिक्र किया था, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार द्वारा पेश किए गए वक्फ में अधिक कड़े संशोधनों का आह्वान किया था।
लालू प्रसाद यादव ने 3 अप्रैल को अपने एक्स हैंडल पर भाषण का एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए लिखा, संघी-भाजपाई नादानों, तुम मुसलमानों की ज़मीनें हड़पना चाहते हो, लेकिन हमने सदा वक्फ की ज़मीनें बचाने के लिए कड़ा कानून बनाया है और बनवाने में मदद की है। मुझे अफ़सोस है कि अल्पसंख्यकों, गरीबों, मुसलमानों और संविधान पर चोट करने वाले इस कठिन दौर में संसद में नहीं हूँ, अन्यथा अकेला ही काफी था।
लालू यादव ने आगे कहा, सदन में नहीं हूं तब भी आप लोगों के ख्यालों, ख्वाबों, विचारों और चिंताओं में हूं यह देख कर अच्छा लगा। अपनी विचारधारा, नीति और सिद्धांतों पर प्रतिबद्धता, अड़िगता और स्थिरता ही मेरे जीवन की जमा पूंजी है।
नई दिल्ली के एम्स में इलाज करा रहे 70 वर्षीय लालू यादव को चारा घोटाले के कई मामलों में दोषी ठहराया गया है, जिसके कारण उन्हें चुनाव लड़ने से भी वंचित कर दिया गया है।
वक्फ (संशोधन) विधेयक मुद्दे का इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों पर असर पड़ने की संभावना है, जिसमें राजद के नेतृत्व वाला महागठबंधन भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए से मुकाबला करेगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडी(यू) हमेशा से मुस्लिम वोटों के एक हिस्से पर निर्भर रही है, भले ही वह बीजेपी की सहयोगी हो। हालांकि, वक्फ बिल पर पार्टी के रुख ने उथल-पुथल मचा दी है, पार्टी के कई मुस्लिम नेता अपनी चिंताओं को खुलकर व्यक्त कर रहे हैं।
जेडी(यू) के राष्ट्रीय महासचिव गुलाम रसूल बलियावी ने आरोप लगाया है कि बिल पास हो गया है और सभी सदस्यों की पोल खुल गई है। यह स्पष्ट हो गया है कि धर्मनिरपेक्ष होने का दावा करने वालों और खुले तौर पर सांप्रदायिक माने जाने वालों के बीच कोई अंतर नहीं बचा है।
बिहार शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सैयद अफजल अब्बास, जो जेडी(यू) से भी जुड़े हैं, ने कहा, हमारे कुछ सुझावों को वक्फ विधेयक में शामिल किया गया, जबकि अन्य को नजरअंदाज कर दिया गया। अगर केंद्र सरकार ने जल्दबाजी कम और सोच-समझकर काम किया होता, तो बलियावी साहब और उनके जैसे लोगों को गुस्सा जाहिर करने की कोई गुंजाइश नहीं बचती।
*संघी-भाजपाई नादानों,
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) April 3, 2025
तुम मुसलमानों की जमीनें हड़पना चाहते हो लेकिन हमने सदा वक़्फ़ की जमीनें बचाने के लिए कड़ा कानून बनाया है और बनवाने में मदद की है।
मुझे अफ़सोस है कि अल्पसंख्यकों, गरीबों, मुसलमानों और संविधान पर चोट करने वाले इस कठिन दौर में संसद में नहीं हूँ अन्यथा अकेला ही… pic.twitter.com/FqgyQpHc5F
राज्यसभा में भी वक्फ संशोधन बिल पास, पक्ष में 128 और विपक्ष में 95 वोट पड़े
IPL 2025: केकेआर ने रचा इतिहास, वो कर दिखाया जो पहले कभी नहीं हुआ!
मनोज कुमार: आखिरी पलों में तकलीफ में थे, बेटे ने नम आंखों से बताया दर्द
वक्फ बिल पास होने के बाद शरद पवार की पार्टी जाएगी सुप्रीम कोर्ट!
मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: कर्मचारियों के भत्तों में वृद्धि, विकास को गति
वक्फ बिल पास होते ही JDU में बवाल! कासिम अंसारी का इस्तीफा, CM को भेजा पत्र
संजय भैया कलर मत बदलिए... आज क्या बोलूं समझ में नहीं आ रहा : राज्यसभा में प्रफुल्ल पटेल का संजय राउत पर तंज
50 साल बाद घर वापसी: मुस्लिम परिवार के 10 सदस्यों ने अपनाया हिंदू धर्म, कहा - सुधार ली ग़लती
मच्छर की तमाम कोशिशें रहीं नाकाम, कलाई पर नहीं कर पाया वार, सोशल मीडिया पर उड़ी खिल्ली!
बोकारो में प्रदर्शन और पुलिस में झड़प, एक की जान गई; कई सुरक्षाकर्मी घायल