वक्फ संशोधन बिल को संसद में रोकने के लिए विपक्षी दलों ने एकजुट होकर रणनीति बनाई है। कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी पार्टियां संसद में बिल का पुरजोर विरोध करेंगी, जिससे एनडीए सांसदों के साथ तीखी बहस होने की संभावना है।
हालांकि, वास्तविकता यह है कि वक्फ संशोधन बिल को संसद में पारित होने से रोकना विपक्षी दलों के लिए लगभग असंभव है। इसका मुख्य कारण यह है कि संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा, में एनडीए गठबंधन के पास स्पष्ट बहुमत है। इस मजबूत संख्याबल के कारण मोदी सरकार को बिल पारित कराने में कोई खास मुश्किल नहीं आएगी।
लोकसभा में एनडीए के पास बिल पारित कराने के लिए पर्याप्त संख्या है। तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी), जनता दल-यूनाइटेड (जेडीयू), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) जैसे प्रमुख एनडीए सहयोगियों ने पहले ही बिल का समर्थन करने की घोषणा कर दी है। इन पार्टियों के नेताओं, जैसे नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू, जीतनराम मांझी और चिराग पासवान ने बिल के समर्थन में वोट करने का वादा किया है।
लोकसभा में कुल 542 सदस्य हैं, जिनमें से 240 भाजपा के हैं, 12 जेडी(यू) के, 16 टीडीपी के, पांच एलजेपी (आरवी) के, 2 राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के और 7 शिवसेना के हैं। यदि एनडीए के सभी घटक दल एकजुट होकर भाजपा का समर्थन करते हैं, तो बिल आसानी से पारित हो जाएगा।
इसके विपरीत, इंडिया गठबंधन के पास केवल 235 सांसद हैं, और अन्य दलों को मिलाकर भी यह संख्या 249 तक ही पहुंच पाती है, जबकि बहुमत के लिए 272 सांसदों की आवश्यकता है। विपक्षी दलों को उम्मीद थी कि यदि टीडीपी (16 सांसद) और जेडीयू (12 सांसद) वक्फ बिल का विरोध कर दें तो स्थिति बदल सकती है।
राज्यसभा में भी एनडीए की स्थिति मजबूत है। राज्यसभा में कुल 245 सदस्य हैं, जिनमें से एनडीए के पास 125 सांसद हैं। इस संख्या में बीजेपी के 98, जेडी(यू) के चार, टीडीपी के दो, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के तीन, शिवसेना का एक और आरएलडी का एक सांसद शामिल हैं। बिल को पारित कराने के लिए 119 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता है, और एनडीए को असम गण परिषद और तमिल मनिला कांग्रेस जैसी पार्टियों के साथ-साथ छह मनोनीत सदस्यों का समर्थन मिलने की भी उम्मीद है।
विपक्षी दलों ने संसद में बिल का विरोध करने के लिए अपनी कमर कस ली है। मंगलवार को विपक्षी दलों ने संसद भवन में बैठक की और अपनी रणनीति तैयार की। बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव, एनसीपी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले, तृणमूल कांग्रेस पार्टी के कल्याण बनर्जी और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
#WATCH | Waqf Amendment Bill to be introduced in Lok Sabha today.
— ANI (@ANI) April 2, 2025
Waqf Amendment Bill JPC chairman and BJP MP Jagdambika Pal says, Our hard work has paid off...The government is coming with the bill in an amended form today. This is definitely a historic day. Today, with the… pic.twitter.com/zfowglQpb1
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