बस्तर में गरजे पीएम मोदी: हथियार वाले नक्सल खत्म, अब दिमागी नक्सलियों का खात्मा जरूरी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली का पावन पर्व बस्तर के सुरक्षाबलों के संग मनाया। कभी लाल आतंक का सबसे बड़ा गढ़ माना जाने वाला बस्तर आज शांति और विकास की राह पर है। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि देश अब एक नए युग में प्रवेश कर चुका है।

जवान मेरा परिवार हैं पिछले 13 वर्षों से प्रधानमंत्री देश की सीमाओं और आंतरिक मोर्चों पर तैनात प्रहरियों के साथ दिवाली मनाते आ रहे हैं। बस्तर में जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने भावुक होकर कहा, देश की रक्षा करने वाले माँ भारती के वीर बेटे-बेटियां ही मेरा परिवार हैं। आपके बीच आना मेरे लिए अपनों के बीच आने जैसा है।

दिमागी नक्सल पर कड़ा प्रहार पीएम मोदी ने मंच से बड़ी बात कहते हुए कहा कि बस्तर से अब लाल आतंक का खात्मा हो चुका है। उन्होंने आगाह किया कि बंदूक उठाने वाले नक्सली तो खत्म हो गए, लेकिन अब दिमागी नक्सलियों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वैचारिक मोर्चे पर भ्रम फैलाने वाले इन तत्वों का सफाय करना भी देश की सुरक्षा के लिए उतना ही अनिवार्य है।

शांति से विकास की ओर बढ़ता बस्तर नक्सलवाद के साए से मुक्त होने के बाद बस्तर अब विकास की मुख्यधारा से तेजी से जुड़ रहा है। आज क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क, नई शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोल रही हैं। पीएम ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा की मजबूती ही राष्ट्र की संप्रभुता की सबसे बड़ी ढाल है।

जवानों के साथ खास पल कार्यक्रम के दौरान माहौल बेहद उत्साहपूर्ण रहा। जवानों ने अपने बीच प्रधानमंत्री को पाकर देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। जवानों ने जब संदेशे आते हैं... गाना गाया, तो वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो गया। प्रधानमंत्री ने उनके शौर्य और त्याग की सराहना करते हुए कहा कि उनके बलिदान के कारण ही आज देश चैन की नींद सोता है।

परंपरा का निर्वहन: 2014 से 2026 तक का सफर प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में सियाचिन से जो सिलसिला शुरू किया था, वह आज भी जारी है। उन्होंने अब तक सियाचिन, पंजाब, हिमाचल, कश्मीर, उत्तराखंड, राजस्थान के लोंगेवाला, करगिल और कच्छ जैसे दुर्गम इलाकों में जाकर जवानों का हौसला बढ़ाया है। बस्तर का यह दौरा न केवल सुरक्षाबलों का मनोबल बढ़ाने वाला था, बल्कि इस बात का प्रतीक भी है कि देश का कोना-कोना अब सुरक्षित और मुख्यधारा का हिस्सा है।

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