MP में 63,296 करोड़ का मेगा रोड प्रोजेक्ट: 5 एक्सप्रेसवे बदलेंगे प्रदेश की तस्वीर
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मध्य प्रदेश में अब सफर का अंदाज बदलने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) की बैठक में 63,296 करोड़ रुपये की लागत से 5 नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने की मंजूरी दे दी गई है। यह 1,398 किलोमीटर लंबा नेटवर्क प्रदेश के औद्योगिक और पर्यटन परिदृश्य को बदल देगा।

विकसित मध्यप्रदेश संकल्प पथ की नई शुरुआत

इस बैठक में एक बड़ा नीतिगत फैसला लेते हुए MPRDC की प्रस्तावित राजमार्ग निधि का नाम बदलकर विकसित मध्यप्रदेश संकल्प पथ कर दिया गया है। इन पांचों परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि जल्द ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा सके।

भोपाल-मंदसौर: मालवा-निमाड़ की लाइफलाइन

258 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर भोपाल को मंदसौर से जोड़ेगा। इसके बनने से सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा और रतलाम के किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में बड़ी राहत मिलेगी। 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाले इस हाईवे से सफर महज साढ़े तीन घंटे का रह जाएगा। इसे 2028 के उज्जैन सिंहस्थ से पहले पूरा करने की योजना है।

जबलपुर-आशापुर: महाकौशल से नर्मदापुरम तक सीधी पहुंच

358 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर प्रदेश का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। यह जबलपुर के रक्षा हब को नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और बैतूल से जोड़ेगा। इस एक्सप्रेसवे के बनने से जबलपुर से नागपुर का सफर 7 घंटे और छिंदवाड़ा का सफर मात्र 4 घंटे में पूरा हो सकेगा। यह महाराष्ट्र की ओर आवाजाही को भी बेहद सुगम बना देगा।

सागर-सतना: बुंदेलखंड और विंध्य का नया संगम

227 किलोमीटर लंबे इस मार्ग से दमोह, पन्ना और मैहर जैसे जिले सीधे जुड़ेंगे। यह कॉरिडोर न केवल माल ढुलाई को गति देगा, बल्कि पन्ना टाइगर रिजर्व और मैहर देवी मंदिर जाने वाले पर्यटकों के लिए भी वरदान साबित होगा। सफर का समय 6 घंटे से घटकर 4 घंटे रह जाएगा।

भोपाल-ग्वालियर: राजधानी से दिल्ली तक आसान सफर

320 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे भोपाल और ग्वालियर के बीच की दूरी को 8 घंटे से घटाकर 4-5 घंटे तक ले आएगा। विदिशा, गुना और शिवपुरी से गुजरने वाला यह रास्ता ग्वालियर के पर्यटन स्थलों को नई पहचान देगा। साथ ही, यह भोपाल को आगरा-नोएडा के रास्ते दिल्ली से सीधे जोड़ देगा।

कटनी-सिंगरौली: कोयला और बिजली सेक्टर को रफ्तार

235 किलोमीटर के इस कॉरिडोर से ऊर्जाधानी सिंगरौली और कटनी के बीच का सफर सिमटकर 3 से 4 घंटे का हो जाएगा। कोयला परिवहन और बिजली परियोजनाओं के लिए यह मार्ग एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा, जो सीधी-रीवा बेल्ट के औद्योगिक विकास को नई ऊर्जा देगा।

आधुनिक कनेक्टिविटी का नया दौर: ये सभी एक्सप्रेसवे फोर-लेन, एक्सेस-कंट्रोल्ड और आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि मध्य प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों में भी अभूतपूर्व तेजी आएगी।

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