अमेरिका के मिडटर्म चुनाव के नतीजे डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ा राजनीतिक झटका बनकर उभरे हैं। पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने इन परिणामों को ट्रंप की व्यक्तिगत हार करार दिया है। उनके अनुसार, ट्रंप ने खुद को चुनावी केंद्र में रखकर चुनाव को अपनी लोकप्रियता पर जनमत संग्रह बना लिया था, जो उल्टा पड़ गया।
खुद को बनाया हार का कारण बोल्टन का कहना है कि मिडटर्म चुनाव में आमतौर पर सत्ताधारी पार्टी को नुकसान होता है। हालांकि, ट्रंप ने इस पारंपरिक चुनौती को और कठिन बना दिया। उन्होंने बार-बार मतदाताओं से आग्रह किया कि वे उन्हें एक उम्मीदवार की तरह देखें। इस रणनीति ने डेमोक्रेट्स को मौका दिया और मतदाताओं ने स्पष्ट रूप से ट्रंप की नीतियों के खिलाफ अपना फैसला सुनाया।
क्या डेमोक्रेट्स की नीतियों की जीत है? बोल्टन इसे डेमोक्रेटिक पार्टी की नीतियों की जीत मानने से इनकार करते हैं। उनका मानना है कि डेमोक्रेट्स के पास ट्रंप का विरोध करने के अलावा कोई ठोस एजेंडा नहीं था। मतदाताओं ने उन्हें इसलिए वोट नहीं दिया कि वे डेमोक्रेट्स की नीतियों से सहमत थे, बल्कि इसलिए दिया क्योंकि वे ट्रंप के कामकाज से असंतुष्ट थे। यह चुनाव केवल ट्रंप की कार्यशैली पर जनमत संग्रह बनकर रह गया।
अगले दो साल: पॉलिटिकल ग्रिडलॉक की आशंका कांग्रेस पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण होने से अमेरिका में अगले दो साल तक राजनीतिक गतिरोध (Political Gridlock) की स्थिति बनी रहेगी। बोल्टन के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के लिए अब बड़े घरेलू कानून बनाना या किसी भी नए विधायी बदलाव को लागू करना बेहद मुश्किल होगा। संसद में डेमोक्रेट्स का बहुमत ट्रंप के फैसलों पर कड़ी निगरानी रखेगा।
2028 की तैयारी और बढ़ता टकराव आने वाले दिनों में ट्रंप प्रशासन और डेमोक्रेट्स के बीच टकराव और बढ़ने के आसार हैं। विशेष रूप से विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर डेमोक्रेट्स ट्रंप के फैसलों को चुनौती देंगे। जैसे-जैसे 2028 के राष्ट्रपति चुनाव नजदीक आएंगे, दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और राजनीतिक खींचतान और तेज होगी। अमेरिका में अब विधायी काम कम और चुनावी राजनीति का असर ज्यादा दिखाई देगा।
#WATCH | Washington, DC: On the US Midterm election results, former National Security Advisor of the United States, John Bolton, says, ... Now, with Congress controlled by the Democrats, what comes next is quite likely to be a period of gridlock, probably for the next two years,… pic.twitter.com/fBUIlXJCkb
— ANI (@ANI) November 6, 2026
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