राहुल गांधी के आवास पर दिवाली मिलन: चाय पर सियासी चर्चा या 2029 का एजेंडा?
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आधिकारिक आवास पर शुक्रवार को दिवाली मंगल मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस बैठक में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व, राज्य प्रभारियों और प्रमुख पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। हालांकि इसे औपचारिक मिलन समारोह बताया गया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस के आगामी रोडमैप की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण बैठक माना जा रहा है।

कौन-कौन हुआ शामिल?

कार्यक्रम में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा लगा। इसमें महासचिव जयराम रमेश, सचिन पायलट, हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

क्या वोट चोरी पर हुई चर्चा?

राहुल गांधी हाल के दिनों में लगातार वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। चर्चा है कि बैठक में विपक्षी दलों के साथ मिलकर इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर धार देने और आंदोलन की रणनीति पर अनौपचारिक विमर्श किया गया है।

सचिन पायलट ने चुनाव आयोग को घेरा

कार्यक्रम के दौरान सचिन पायलट ने तीखे तेवर अपनाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, दुर्भाग्य से ज्ञानेश कुमार के सभी कार्य अवैध और असंवैधानिक हैं। देश को यह समझने की ज़रूरत है कि जिन लोगों पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं की रक्षा का दायित्व है, उन्होंने हमें निराश किया है।

जीतू पटवारी का बड़ा दावा

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भविष्य की राजनीति पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि कांग्रेस ही देश की संस्कृति की सच्ची रक्षक है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि कांग्रेस के रक्त में संघर्ष है और इसी संकल्प के साथ राहुल गांधी 2029 में देश के प्रधानमंत्री बनेंगे।

प्रदूषण पर चिंता और राजनीतिक माहौल

यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने स्पष्ट किया कि बैठक में मुख्य रूप से अनौपचारिक चर्चा हुई। उन्होंने प्रदूषित होती हवा पर चिंता जताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को दोषारोपण छोड़कर विशेषज्ञों के साथ मिलकर ठोस नीति बनानी चाहिए, क्योंकि प्रदूषण अब एक गंभीर खतरा बन चुका है।

मुकुल वासनिक और कुमारी सैलजा जैसे वरिष्ठ नेताओं ने इस मिलन को भाईचारे और एकता को मजबूत करने वाला बताया। कुल मिलाकर, यह दिवाली कार्यक्रम भले ही सौहार्द का प्रतीक था, लेकिन नेताओं के बयानों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस अब पूरी तरह से मिशन 2029 की तैयारी में जुट गई है।

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