जेपी नड्डा के सामने ही फिसली सीएम मोहन यादव की जुबान, मुर्दाबाद बोलकर हुए वायरल; बॉडीगार्ड के रिएक्शन ने खींचा ध्यान
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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बीजेपी के लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक बड़ी जुबानी चूक के शिकार हो गए। मंच पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की मौजूदगी में ही मुख्यमंत्री ने अनजाने में उनके खिलाफ मुर्दाबाद का नारा लगा दिया।

क्या है पूरा मामला? बुधवार, 4 नवंबर को आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जनता से नारे लगवा रहे थे। उन्होंने उत्साह में पहले नरेंद्र मोदी जिंदाबाद का नारा लगवाया। इसके बाद जैसे ही उन्होंने जेपी नड्डा के समर्थन में नारा शुरू किया, उनके मुंह से जेपी नड्डा मुर्दा... निकल गया। एहसास होते ही उन्होंने तुरंत खुद को संभालते हुए जिंदाबाद बोलकर बात पूरी की, लेकिन तब तक यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल चुका था।

बॉडीगार्ड का रिएक्शन बना चर्चा का विषय इस वायरल वीडियो में मुख्यमंत्री के ठीक पीछे खड़े सुरक्षा अधिकारी (PSO) का रिएक्शन लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी इस वीडियो को शेयर करते हुए लोगों से बॉडीगार्ड के हाव-भाव पर गौर करने की बात कही है। सोशल मीडिया पर यूजर्स इस चूक को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

मंच पर हुई हल्की-फुल्की हंसी हालांकि मुख्यमंत्री ने अपनी गलती तुरंत सुधार ली थी, लेकिन मंच पर बैठे अन्य वरिष्ठ नेता अपनी हंसी नहीं रोक पाए। वीडियो में बीजेपी की मंत्री कृष्णा गौर समेत अन्य नेताओं को मुस्कुराते हुए सुना जा सकता है। बाद में मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगवाकर स्थिति को संभालने की कोशिश की।

कांग्रेस पर बरसे जेपी नड्डा इस आयोजन में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा भी काफी आक्रामक नजर आए। उन्होंने कांग्रेस पर हिट एंड रन की राजनीति करने का आरोप लगाया। नड्डा ने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग के सामने अपने आरोपों के समर्थन में सबूत देने में नाकाम रही है। उन्होंने सत्ता में रहते हुए कांग्रेस द्वारा अनुच्छेद 356 के दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया।

रैली में अव्यवस्थाओं की भी चर्चा केवल मुख्यमंत्री की जुबान फिसलना ही सुर्खियों में नहीं रहा, बल्कि यह कार्यक्रम अन्य कारणों से भी चर्चा में रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आगे की पंक्ति में बैठने को लेकर बीजेपी के दो दिग्गज नेताओं के बीच खींचतान देखी गई। वहीं, कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने खाने-पीने की उचित व्यवस्था न होने पर अपनी नाराजगी जताई, जिससे बीजेपी का यह लोकतंत्र बचाओ कार्यक्रम हंगामे और चर्चाओं का केंद्र बन गया।

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