अमेरिका के मिडटर्म चुनाव संपन्न हो चुके हैं, लेकिन इस बार चर्चा का केंद्र केवल नतीजे नहीं, बल्कि वोटिंग की एक अनोखी प्रक्रिया रही। भारतीय मूल के नासा एस्ट्रोनॉट अनिल मेनन सहित इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर मौजूद तीन अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी से 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर माइक्रोग्रैविटी के बीच अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
कैसे होती है ऑर्बिटल वोटिंग ? अंतरिक्ष में वोटिंग की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और बेहद सुरक्षित है। यह प्रक्रिया अब्सेंटी वोटिंग जैसी ही है, जिसमें डाक की जगह डेटा का उपयोग होता है। चुनाव से करीब छह महीने पहले, एस्ट्रोनॉट्स फेडरल पोस्ट कार्ड एप्लीकेशन भरते हैं। जॉनसन स्पेस सेंटर प्रत्येक यात्री को एक एन्क्रिप्टेड इलेक्ट्रॉनिक बैलेट और अलग क्रेडेंशियल भेजता है।
सुरक्षित कम्युनिकेशन का कमाल एस्ट्रोनॉट्स स्पेस स्टेशन के अंदर अपने क्रू क्वार्टर में लैपटॉप पर बैलेट भरते हैं। यहाँ से यह वोट नासा के नियर स्पेस नेटवर्क के जरिए धरती पर भेजा जाता है। मिशन कंट्रोल से होते हुए यह वोट संबंधित काउंटी क्लर्क के पास पहुँच जाता है, जहाँ इसे सामान्य अब्सेंटी वोट की तरह ही दर्ज और काउंट किया जाता है। अनिल मेनन ने सोशल मीडिया पर इस प्रक्रिया की झलक दिखाते हुए कहा, जी हाँ, आप स्पेस से भी वोट कर सकते हैं।
कैसे शुरू हुई स्पेस वोटिंग की परंपरा? अंतरिक्ष से मतदान की शुरुआत 1997 में हुई थी। इसकी नींव 1996 में पड़ी, जब नासा के एस्ट्रोनॉट जॉन ब्लाहा रूस के मीर स्पेस स्टेशन पर थे और कानूनी पेचीदगियों के कारण वोट नहीं डाल सके थे। उस समय टेक्सास के कानूनों में ईमेल या डिजिटल वोटिंग का प्रावधान नहीं था।
टेक्सास कानून से मिला अधिकार नासा के ज्यादातर एस्ट्रोनॉट ह्यूस्टन के निवासी होते हैं, इसलिए नासा ने टेक्सास के सांसदों के साथ मिलकर कानून में बदलाव की पहल की। 1997 में तत्कालीन गवर्नर जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने एक कानून पर हस्ताक्षर किए, जिसने अंतरिक्ष में तैनात यात्रियों को मतदान का कानूनी अधिकार दिया। इसके बाद डेविड वोल्फ अंतरिक्ष से वोट देने वाले पहले अमेरिकी बने।
आज, न केवल अंतरिक्ष में विज्ञान की प्रगति हुई है, बल्कि यह साबित हो गया है कि पृथ्वी के बाहर भी लोकतंत्र की आवाज मजबूती से सुनी जा सकती है।
Yes, you can even vote from space! All three US crew members had the privilege of voting from space station. We filled out an electronic ballot and sent it securely to the election officials. pic.twitter.com/hJCExQ2nKr
— Anil Menon (@astro_anil) November 3, 2026
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