सोशल मीडिया पर फैलाया गया झूठ हाल ही में सोशल मीडिया पर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इसमें दावा किया गया कि लावरोव ने भारत को केवल एक ट्रेडिंग पार्टनर बताते हुए विदेश नीति या तेल खरीद के मामलों में दखल न देने की चेतावनी दी है। इस वीडियो ने भारत-रूस संबंधों में खटास पैदा करने की कोशिश की।
क्या था वीडियो का असली सच? जांच में यह वीडियो पूरी तरह से फेक पाया गया। किसी ने आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों का इस्तेमाल कर लावरोव की आवाज में भारत विरोधी बयान बुलवाया था। गौर करने वाली बात यह है कि प्रधानमंत्री मोदी के आलोचकों और कुछ निहित स्वार्थी तत्वों ने बिना सच्चाई जाने इसे आग की तरह फैलाया।
प्रशांत भूषण पर उठे सवाल इस विवाद में तब नया मोड़ आया जब वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने इस फर्जी वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया। उन्होंने इस वीडियो को आधार बनाकर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर निशाना साधा और लिखा कि रूस ने भारत को करारा तमाचा मारा है। भूषण की इस पोस्ट के बाद देश में तीखी बहस छिड़ गई कि एक जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति बिना पुष्टि किए पड़ोसी देशों से रिश्ते खराब करने वाला कंटेंट कैसे साझा कर सकता है।
दूतावास और विदेश मंत्रालय की कड़ी कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत में रूसी दूतावास ने तुरंत इसके फर्जी होने की चेतावनी जारी की। वहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक तौर पर इसे फेक करार दिया। मंत्रालय ने फैक्ट-चेक के जरिए स्पष्ट किया कि यह वीडियो भ्रामक और गलत है। विदेश मंत्रालय की सख्ती के बाद कई लोगों ने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी है।
रूस ने फिर से किया दोस्ती का इजहार इस पूरे विवाद के बीच रूसी मीडिया ने अपना पुराना रुख दोहराते हुए लावरोव का एक वास्तविक बयान साझा किया, जिसमें उन्होंने भारत की महान सभ्यता और दोनों देशों की गहरी दोस्ती की प्रशंसा की थी। रूसी मीडिया ने स्पष्ट किया कि वे भारत के प्रति हमेशा सकारात्मक रहे हैं और ऐसे फर्जी प्रोपगेंडा से दोनों देशों के बीच दरार नहीं डाली जा सकती।
निष्कर्ष यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि कैसे डिजिटल युग में डीपफेक तकनीक और बिना सोचे-समझे किए गए पोस्ट देश की साख को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सोशल मीडिया पर किसी भी सनसनीखेज दावे पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना अब अनिवार्य हो गया है।
Fake Alert!!! 🚨🚨🚨
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) November 3, 2026
The video of the Russian Foreign Minister being used in this post is fake! pic.twitter.com/jpEX6qu19p
आरक्षण से लेकर Gen-Z के आंदोलनों तक: RSS की दो टूक, जानिए क्या बोले दत्तात्रेय होसबोले
अमेरिका मिडटर्म चुनाव 2026: मतगणना शुरू, शुरुआती नतीजों में डेमोक्रेट्स की सेंध
फर्स्ट AC में भी नहीं सुरक्षित यात्री: लखनऊ में 2.75 लाख की चोरी, मदद के लिए 4 बार खींची चेन फिर भी नहीं आया कोई
बिहार में अपराध मुक्त के दावे पर घिरे सम्राट चौधरी, तेजस्वी ने वीडियो शेयर कर किया जोरदार हमला
BSNL का धमाकेदार ऑफर: सिर्फ 1 रुपये में पाएं नया सिम और 24 दिन की फ्री सर्विस!
कहीं नहीं जाएंगे मोदी : बीजेपी नेताओं के सुर में सुर, मनोज तिवारी और अर्जुन मेघवाल के गानों से गरमाई सियासत
अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव: अब अग्निवीरों को मिलेगी 2 साल की अतिरिक्त सेवा, सरकार का बड़ा फैसला
यूपी में योगी का सुरक्षा चक्र : सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द, त्योहारों पर अलर्ट मोड पर प्रशासन
रूसी मंत्री का फर्जी वीडियो शेयर कर फंसे प्रशांत भूषण, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR
ऑकलैंड में गूंजा किंग कोहली का शोर: सुपरमैन कैच से न्यूजीलैंड को दिया सातवां झटका