ऊर्जा संकट के बीच PM Modi का नया Energy Masterplan : 500 GW का लक्ष्य और किसानों की बदली किस्मत!
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दुनियाभर में जारी भू-राजनीतिक तनाव और पेट्रोलियम उत्पादों के लिए विदेशी निर्भरता के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा का नया रोडमैप तैयार कर लिया है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को क्लीन एनर्जी से जोड़ने पर जोर दिया।

ऊर्जा सुरक्षा ही आर्थिक सुरक्षा है प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान वैश्विक एनर्जी शॉक के दौर में ऊर्जा सुरक्षा ही किसी देश की आर्थिक मजबूती का आधार है। पिछले कुछ वर्षों में कोरोना और पश्चिम एशिया के संकट ने साबित कर दिया है कि जीवाश्म ईंधन पर अधिक निर्भरता अर्थव्यवस्था को अस्थिर कर सकती है। भारत ने बीते दशक में जो क्लीन एनर्जी बुनियादी ढांचा तैयार किया, उसी की बदौलत आज भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक झटकों को झेलने में सक्षम है।

2030 तक 500 GW का लक्ष्य भारत अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 50% से अधिक हिस्सा पहले ही गैर-जीवाश्म स्रोतों (सौर, पवन, जलविद्युत और परमाणु) से प्राप्त कर चुका है। अब सरकार का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट (GW) की क्षमता हासिल करना है। पीएम ने बताया कि देश अब तक 300 GW के आंकड़े तक पहुंच चुका है, जो बढ़ते औद्योगिक और घरेलू बिजली संकट को देखते हुए एक बड़ी उपलब्धि है।

किसान अब ऊर्जादाता बनेंगे इस समिट का सबसे खास पहलू किसानों को लेकर पीएम का विजन है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि वे अन्नदाता को ऊर्जादाता के रूप में देखना चाहते हैं। इसके तहत किसानों की बंजर या खाली जमीन पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इससे किसान न केवल अपनी बिजली जरूरतें पूरी करेंगे, बल्कि अतिरिक्त बिजली बेचकर अपनी आय का नया जरिया भी बनाएंगे। उन्होंने स्टार्टअप्स और IIT से ऐसी तकनीक विकसित करने को कहा जो गांवों में सौर ऊर्जा के उपयोग को और आसान बनाए।

PM सूर्य घर योजना का दम आम नागरिकों को जोड़ने के लिए PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना एक बड़ा माध्यम बन गई है। फरवरी 2024 में शुरू हुई इस योजना के जरिए अब तक 65 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लग चुके हैं। एक करोड़ घरों का लक्ष्य तय करने वाली यह योजना बिजली बिलों में कटौती और परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गेम-चेंजर साबित हो रही है।

एक मंच पर दुनिया भर के विशेषज्ञ 2 से 5 नवंबर तक चलने वाले इस समिट में तीन बड़े वैश्विक आयोजन एक साथ हो रहे हैं:

  1. भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट 2026
  2. इंटरनेशनल सोलर एलायंस (9वीं असेंबली)
  3. ग्रीन हाइड्रोजन पर चौथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

इन आयोजनों में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और 400 से ज्यादा कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। भारत का यह मास्टर प्लान न केवल प्रदूषण कम करने, बल्कि विदेशी ईंधन पर निर्भरता घटाकर लाखों नए रोजगार पैदा करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।

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