पानी पर दौड़ती बाइक! चीनी शख्स ने 40 किमी चलकर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
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चीन के हुनान प्रांत में एक अविश्वसनीय कारनामा देखने को मिला है। जेडएक्सएमओटीओ (ZXMOTO) के संस्थापक झांग जूए ने एक संशोधित मोटरसाइकिल के जरिए पानी पर 40.74 किलोमीटर की दूरी तय कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। यह उपलब्धि 25 अक्टूबर 2026 को मायांग मियाओ स्वायत्त काउंटी की जिनजियांग नदी पर हासिल की गई।

कैसे तैयार हुई वॉटर बाइक ?

झांग ने इस रिकॉर्ड के लिए अपनी कंपनी के MX450 मॉडल का इस्तेमाल किया। बाइक को पानी पर चलाने लायक बनाने के लिए इसमें विशेष एम्फीबियस स्की (Amphibious Skis), एक बड़ा फ्यूल टैंक और एडवांस वॉटरप्रूफिंग तकनीक जोड़ी गई। यह बाइक पहले जमीन पर गति पकड़ती है और फिर पानी की सतह पर स्किम (Skim) करने लगती है, जहां पिछला टायर पानी को पीछे धकेलकर आगे बढ़ने की शक्ति पैदा करता है।

32 मिनट में पूरा किया सफर

रिकॉर्ड तोड़ने का प्रयास सुबह 11 बजे शुरू हुआ। झांग ने नदी के घुमावदार रास्ते पर कई चक्कर लगाए और महज 32 मिनट में 40.74 किलोमीटर का सफर तय कर लिया। इस दौरान गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के अधिकारियों ने जीपीएस ट्रैकिंग और ऑडियो-विजुअल डेटा के जरिए हर पल की निगरानी की। अंत में अधिकारी जियोंग वेन ने इस उपलब्धि की आधिकारिक पुष्टि की।

17 साल का पुराना सपना

यह जीत रातों-रात नहीं मिली। झांग ने साल 2009 में, जब वे 22 वर्ष के थे, पहली बार पानी पर बाइक चलाने की कोशिश की थी। तब तकनीकी कमियों के कारण वे महज 20 मीटर ही चल सके और चार बार पानी में गिरे थे। पिछले 17 वर्षों से उन्होंने हार नहीं मानी। इस बार उनकी टीम ने पांच महीने तक बाइक की ब्वॉयेंसी (उछाल) और पावर सिस्टम पर काम किया, जिसके बाद यह ऐतिहासिक सफलता मिली।

पर्यटन के लिए बना आकर्षण

इस स्टंट ने मायांग काउंटी को दुनिया के नक्शे पर ला खड़ा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के बाद क्षेत्र में लगभग 2.5 लाख पर्यटक पहुंचे, जो कि वहां की कुल जनसंख्या (2.74 लाख) के बराबर है। झांग का कहना है कि उन्होंने यह चुनौती अपने गृहनगर के सम्मान के लिए ली थी।

क्यों है यह इतना कठिन?

पानी पर मोटरसाइकिल चलाना अत्यधिक जोखिम भरा है। इसमें संतुलन बनाए रखना, पानी पर मोड़ काटना और शारीरिक थकान को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती होती है। झांग ने इन सभी बाधाओं को पार करते हुए पुराने रिकॉर्ड (31.8 किमी) को पीछे छोड़ दिया। यह उपलब्धि न केवल एक व्यक्तिगत जीत है, बल्कि चीनी इंजीनियरिंग और अटूट इच्छाशक्ति का एक शानदार उदाहरण भी है।

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