आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में चक्रवात अर्नब ने भारी तबाही मचाई है। बुधवार तड़के तट से टकराने के बाद इस चक्रवात ने जन-जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारी बारिश और 150 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाओं ने कई जिलों में तबाही के निशान छोड़े हैं।
आंध्र प्रदेश में चक्रवात का सबसे घातक असर देखने को मिला। तेज हवाओं के कारण सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे जड़ से उखड़ गए। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, राज्य में 8 लोगों की मौत हो चुकी है।
मृतकों में वे लोग शामिल हैं जो पेड़ गिरने, बिजली के खंभे ढहने या खुले बिजली के तारों की चपेट में आने से काल के गाल में समा गए। भीमावरम से विशाखापत्तनम तक, लोग अपनी संपत्तियों और जान को बचाने के लिए जूझते दिखे। तूफान के आने से पहले ही प्रशासन ने 20 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया था।
चक्रवात के तट से टकराते समय हवा की गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जबकि इसके झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गए। विशाखापत्तनम में महज 24 घंटे के भीतर 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और संचार सेवाएं पूरी तरह ठप पड़ गईं। काकीनाडा में उप्पाडा तटीय सड़क का एक बड़ा हिस्सा समुद्र में समा गया।
आंध्र के विपरीत, ओडिशा सरकार ने आपदा प्रबंधन का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दावा किया कि राज्य में अब तक जीरो कैजुअल्टी यानी किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई है।
राज्य के पांच जिले—मलकानगिरी, कोरापुट, रायगड़ा, गजपति और गंजाम सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। यहाँ 105 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। सरकार ने एहतियात के तौर पर 313 राहत और बचाव टीमें तैनात कीं और 23,827 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया।
ओडिशा सरकार ने इस आपदा के दौरान एक संवेदनशील कदम उठाते हुए 2,245 गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाया। राहत की बात यह है कि इन महिलाओं ने सुरक्षित रूप से 931 बच्चों को जन्म दिया है, और जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने आकलन के बाद मुआवजा देने का वादा किया है। वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर केंद्र से हर संभव मदद की मांग की है।
मौसम विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश के 13 जिलों और यानम के लिए फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का हाई अलर्ट जारी किया है। 29 अक्टूबर को भी श्रीकाकुलम और विजयनगरम समेत कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। चक्रवात भले ही कमजोर पड़ रहा हो, लेकिन प्रशासनिक मशीनरी अगले 48 घंटों तक पूरी तरह सतर्क है।
#WATCH | Cyclone Arnab | Bhubaneswar: On the impact of the landfall, Odisha CM Mohan Charan Majhi says, Due to its impact, in south Odisha Malkangiri, Koraput, Rayagada, Gajapati, and Ganjam districts have been heavily affected. The wind speed was between 50 and 60 kmph, but it… pic.twitter.com/Rqma4ps8Wz
— ANI (@ANI) October 28, 2026
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