अजित पवार विमान हादसा: सच्चाई के लिए CID दफ्तर पहुंचे बेटे जय पवार, बोले- लाखों लोगों के भरोसे का सवाल
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महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और दिवंगत एनसीपी नेता अजित पवार के विमान हादसे का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। हादसे की गुत्थी सुलझाने और सच्चाई सामने लाने के लिए अब उनके बेटे जय पवार ने सक्रियता बढ़ा दी है।

CID दफ्तर में समीक्षा

बुधवार को जय पवार पुणे स्थित सीआईडी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर हादसे की जांच की वर्तमान स्थिति को लेकर विस्तृत चर्चा की। जय पवार ने अब तक हुई कार्रवाई और जांच में हो रही देरी पर बारीकी से सवाल किए।

उद्देश्य साफ है—जांच प्रक्रिया में तेजी लाना और इसे पूरी तरह पारदर्शी बनाना। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि वे किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे और जल्द से जल्द निष्कर्ष तक पहुंचना आवश्यक है।

लाखों लोगों की भावनाओं से जुड़ा मामला

मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में जय पवार ने भावुक होते हुए कहा कि यह केवल उनके परिवार का व्यक्तिगत मामला नहीं है। उन्होंने कहा, यह उन लाखों लोगों के असीम विश्वास और भावना का सवाल है, जो मेरे पिता से बेहद प्यार करते थे। जनता के मन में उठ रहे तमाम सवालों के जवाब मिलना बेहद जरूरी है।

जय पवार ने इस बात पर जोर दिया कि घटना के हर एक पहलू की गहन पड़ताल होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जांच एजेंसियां निष्पक्ष होकर काम करेंगी और दोषियों या किसी भी तकनीकी खामी को सामने लाएंगी।

क्या था वो दुखद हादसा?

गौरतलब है कि 28 जनवरी 2026 को बारामती में हुए एक दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे में अजित पवार का निधन हो गया था। इस घटना के बाद से ही राज्य की राजनीति और उनके समर्थकों के बीच गहरा शोक और आक्रोश था। तभी से इस मामले की जांच जारी है, लेकिन समय बीतने के साथ परिवार का अब धैर्य जवाब दे रहा है, जिसके चलते जय पवार ने अब खुद मोर्चा संभाल लिया है।

सच्चाई सामने आने तक जारी रहेगा संघर्ष

जय पवार ने संकल्प दोहराया है कि जब तक हादसे की असली वजह सामने नहीं आ जाती, वे चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में जांच की गति पर नजर रखने की बात कही है। इस दौरान उनके साथ विधायक विक्रम काकडे भी मौजूद रहे, जिन्होंने भी जांच में पारदर्शिता की मांग का समर्थन किया।

अब सभी की निगाहें सीआईडी की अगली रिपोर्ट पर टिकी हैं, कि क्या वाकई यह कोई तकनीकी खराबी थी या इसके पीछे छिपा है कोई बड़ा राज?

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