UN में अमेरिका-क्यूबा का आमना-सामना: पोडियम पर गर्जे अमेरिकी राजदूत, बोले- पीछे हटिए, यह अमेरिका है
News Image

न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब अमेरिका और क्यूबा के प्रतिनिधि तीखी बहस करते हुए एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए। क्यूबा पर लगे दशकों पुराने आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान यह विवाद इतना बढ़ गया कि सदन की कार्यवाही को कुछ देर के लिए रोकना पड़ा।

पोडियम पर क्यों मची तनातनी? विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार पर भ्रष्टाचार और दमन के आरोप लगा रहे थे। इस दौरान, वॉल्ट्ज ने फिदेल कास्त्रो की रोलेक्स घड़ी और उनके परिवार के निजी द्वीप की तस्वीरें लहराईं। इस पर क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पैरिला मंच की ओर तेजी से बढ़े।

यह संयुक्त राष्ट्र है, कोई तानाशाही नहीं क्यूबा के मंत्री को अपनी ओर आते देख माइक वॉल्ट्ज भड़क गए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, यह संयुक्त राष्ट्र है, आपकी कम्युनिस्ट तानाशाही नहीं। आप मुझे चुप नहीं करा सकते। वॉल्ट्ज ने क्यूबा के प्रतिनिधिमंडल को चेतावनी देते हुए कहा, पीछे हटिए! आप जानते हैं कि आप किससे बात कर रहे हैं? यह अमेरिका है।

आरोपों का दौर क्यूबा के विदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि अमेरिका संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को डरा-धमका रहा है। उनका दावा है कि अमेरिका वीजा प्रतिबंधों और आर्थिक पाबंदियों की धमकी देकर देशों को प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करने के लिए मजबूर कर रहा है। वहीं, अमेरिका ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सदस्य देशों से क्यूबा के प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करने की अपील की है।

क्या है विवाद की जड़? अमेरिका और क्यूबा के बीच दशकों से गहरा आर्थिक और राजनीतिक तनाव है। क्यूबा 1992 से ही संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी प्रतिबंधों को खत्म करने की मांग वाला प्रस्ताव पेश करता आया है। हालांकि ये प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होते, लेकिन इनका अंतरराष्ट्रीय राजनयिक महत्व बहुत बड़ा होता है।

प्रस्ताव पर नजरें बुधवार को होने वाले मतदान पर दुनिया की नजरें टिकी हैं। पिछले साल इस प्रस्ताव के पक्ष में 165 देशों ने वोट किया था, लेकिन इस बार का टकराव यह संकेत दे रहा है कि वैश्विक मंच पर अमेरिका और क्यूबा के बीच की खाई और गहरी होती जा रही है। फिलहाल, इस हंगामे के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

मुंबई की कमान जीशान सिद्दीकी के हाथ: सुनेत्रा पवार को बताया मां समान , संभाली एनसीपी की जिम्मेदारी

Story 1

एमपी में निवेश की नई लहर: CM मोहन यादव का उद्योगपतियों को न्योता, 100 मंजिला इमारतों का खुलेगा रास्ता

Story 1

चक्रवात अर्नब का तांडव: आंध्र, ओडिशा और बंगाल में हाई अलर्ट, 150 किमी की रफ्तार से मचा तबाही

Story 1

IND W vs ZIM W: तीसरे वनडे में टॉस जीतकर जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी, टीम इंडिया में 3 बड़े बदलाव

Story 1

इजरायल चुनाव: एग्जिट पोल में नेतन्याहू बहुमत से दूर, अरब दल बनेंगे किंगमेकर ?

Story 1

10 मिनट उल्टी बाइक पर टिके और घर ले जाएं मुफ्त मोटरसाइकिल: अनोखे विज्ञापन ने मचाया धमाल!

Story 1

पटना स्नातक सीट: नीरज कुमार की शानदार जीत और अनंत सिंह पर तंज- कहां हई रे गुंजन, ले जो मिठइया

Story 1

वाराणसी में सपा का परचम: लाल बिहारी यादव ने शिक्षक MLC चुनाव में दर्ज की जीत

Story 1

टिकट के बदले 7 करोड़ लिए : 10 जनपथ के बाहर आत्मदाह की धमकी से मचा हड़कंप

Story 1

चक्रवात अर्नब का तांडव: 150 किमी की रफ्तार से आंध्र प्रदेश से टकराया तूफान, मचाई भारी तबाही