रायपुर: आगामी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की वोट बचाओ, देश बचाओ महारैली से पहले छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है कि रैली में कार्यकर्ताओं की भीड़ को रोकने के लिए रेलवे का इस्तेमाल किया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला? छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपने हजारों कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने के लिए भारतीय रेलवे और IRCTC से स्पेशल ट्रेन की मांग की थी। पार्टी का दावा है कि शुरुआत में रेलवे ने इस पर सहमति जताई थी और खर्च का ब्योरा भी साझा किया था, लेकिन 26 अक्टूबर को अचानक रेलवे ने पत्र लिखकर ट्रेन उपलब्ध कराने में असमर्थता जता दी।
रेलवे का तर्क: परिचालन संबंधी बाधाएं दूसरी ओर, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने अपने पत्र में इसे पूरी तरह से तकनीकी और परिचालन का मामला बताया है। रेलवे के अनुसार, कांग्रेस द्वारा मांगी गई तारीखें अधिसूचित प्रतिबंधित अवधि (Restricted Period) के अंतर्गत आती हैं, इसलिए वहां फुल टैरिफ रेट (FTR) ट्रेन की बुकिंग संभव नहीं है। रेलवे ने साफ किया है कि यह फैसला नियमों के दायरे में लिया गया है।
कांग्रेस का आरोप: राजनीतिक दबाव में खेल कांग्रेस इस दलील को सिरे से खारिज कर रही है। प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार रैली को विफल करने के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है। उन्होंने कहा, ट्रेन रोककर कार्यकर्ताओं का हौसला नहीं रोका जा सकता। अगर ट्रेन नहीं मिलेगी, तो कार्यकर्ता बसों, निजी वाहनों और अन्य साधनों से दिल्ली पहुंचेंगे।
क्या दिल्ली रैली पर पड़ेगा असर? स्पेशल ट्रेन न मिलने के बावजूद कांग्रेस का दावा है कि रैली की तैयारियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर कमर कस ली है। सांसदों, विधायकों और जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वैकल्पिक परिवहन के जरिए अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचें।
वोट बचाओ, देश बचाओ: क्या है रैली का उद्देश्य? 1 नवंबर को होने वाली यह महारैली मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी अनियमितताओं के आरोपों को लेकर बुलाई गई है। कांग्रेस इन मुद्दों के जरिए केंद्र सरकार को घेरने की योजना बना रही है। दिल्ली पुलिस ने इस कार्यक्रम को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी है, जिसके तहत सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कांग्रेस बिना स्पेशल ट्रेन के भीड़ जुटाने में सफल हो पाती है, या रेलवे का यह विवाद आगामी दिनों में और गहराता है।
*कांग्रेस की महारैली से घबराई मोदी सरकार।
— Chhattisgarh Youth Congress (@IYCChhattisgarh) October 27, 2026
पहले स्पेशल ट्रेन देने की सहमति, फिर अचानक इनकार!
रेलवे के जरिए रास्ता रोकने की कोशिश हो सकती है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हौसले नहीं।
ट्रेन रोकोगे, जनसैलाब कैसे रोकोगे...?
1 नवंबर को दिल्ली में गूंजेगा, वोट बचाओ, देश बचाओ pic.twitter.com/JEK0RfU3EZ
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