दिल्ली के प्रतिष्ठित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में करीब 20 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद छात्र संघ चुनाव कराने का रास्ता साफ हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार को छात्र संघ चुनाव बहाल करने की ऐतिहासिक घोषणा की है, जिसे परिसरीय राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
निलंबन और नोटिस वापस चुनावों की बहाली के साथ ही प्रशासन ने आंदोलनकारी छात्रों को बड़ी राहत दी है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को रद्द करते हुए, उनके निलंबन आदेश और जारी किए गए कारण बताओ (Show-cause) नोटिस वापस ले लिए गए हैं। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट संख्या साझा नहीं की है कि कितने छात्रों को इस फैसले से लाभ मिला है।
सुरक्षाकर्मियों के आचरण की होगी जांच आंदोलन के दौरान सुरक्षाकर्मियों के कथित सख्त रवैये पर उठ रहे सवालों के बीच प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए थे। अब प्रशासन ने सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार का परीक्षण करने का वादा किया है, हालांकि इस जांच की समयसीमा और प्रक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है।
माफी बनी नई शर्त प्रशासन ने निलंबन वापसी के बदले एक शर्त भी रखी है। छात्रों से लिखित आश्वासन लिया गया है कि वे विश्वविद्यालय के खिलाफ दिए गए कथित अपमानजनक बयानों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगे। इस शर्त को लेकर छात्र समुदाय में मिश्रित प्रतिक्रिया है और कई छात्र इसे लेकर असहज नजर आ रहे हैं।
क्या आंदोलन पूरी तरह खत्म? प्रशासन की इन घोषणाओं के बावजूद, कैंपस में पूरी तरह शांति नहीं है। कुछ प्रदर्शनकारी छात्रों ने सवाल उठाए हैं कि क्या उनकी सभी मांगें वास्तव में मानी गई हैं। सोशल मीडिया और कैंपस की हलचल से संकेत मिलते हैं कि छात्र अभी भी चुनाव की तारीखों और प्रक्रिया को लेकर संशय में हैं।
भविष्य की राह चुनाव की घोषणा जरूर हो गई है, लेकिन अभी मतदान की तारीख, पात्रता के नियम और नामांकन प्रक्रिया जैसे अहम पहलुओं का खुलासा होना बाकी है। एक ओर प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करेगा, वहीं छात्र इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि प्रशासन अपने वादों को कितनी पारदर्शिता के साथ पूरा करता है।
जामिया की छात्र राजनीति अब एक नए मोड़ पर खड़ी है, जहां लोकतांत्रिक बहाली के साथ-साथ अनुशासन और संवाद के बीच संतुलन बनाना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
Delhi: Security personnel have been deployed outside Jamia Millia Islamia as some students continue their hunger strike despite an agreement being signed between the university administration and students overnight. Protesters allege that some students were persuaded to sign the… pic.twitter.com/PfMBj8twWm
— IANS (@ians_india) October 26, 2026
अंपायर के विवादित फैसले ने छीना दोहरा शतक: देवदत्त पडिक्कल 1 रन से चूके, न्यूजीलैंड में मचाई तबाही
देश में दो मियां, दोनों को घुसपैठियों से प्यार; योगी का अखिलेश-राहुल पर तीखा हमला
वकालत से क्रिकेट के मैदान तक: किम कॉटन ने अंपायरिंग में रचा इतिहास
मां-बाप और परिवार को राजनीति से दूर रखें : खरगे के विवादित बयान पर भड़कीं प्रियंका चतुर्वेदी
दलेर मेहंदी स्टेज विवाद: मंत्री की माफी से शांत हुआ बवाल, मीका सिंह ने मुख्यमंत्री के कदम की तारीफ की
मिलन गार्डन हादसा: निर्माणाधीन मकान का स्लैब गिरा, मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी; सरकार ने दी चेतावनी
छठ से पहले दिल्ली को सौगात: नमो यमुना रिवर सफारी का शंखनाद, सीएम रेखा गुप्ता ने किया निरीक्षण
ताज एक्सप्रेस में बड़ा बदलाव: 1 नवंबर से नई दिल्ली नहीं, इस स्टेशन से चलेगी आपकी ट्रेन
2 साल की बच्ची का तबले पर जादुई कमाल, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम
रुपया मैं उठाऊंगा : मोदी के हमशक्ल और कुणाल कामरा की भिड़ंत, समय रैना बोले- साइबर सेल आ जाएगी