सऊदी अरब पर हूतियों का भीषण हमला: रियाद से मक्का-मदीना तक दहला आसमान, मिसाइलें नाकाम
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सऊदी अरब और यमन के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के प्रमुख तेल ठिकानों, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और सैन्य एयरबेस को निशाना बनाते हुए बड़े हमले का दावा किया है। यह हमला तब हुआ है जब सऊदी गठबंधन ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने का दावा किया था।

मक्का-मदीना तक मिसाइल का मलबा सऊदी गठबंधन सेना ने बताया कि मार गिराई गई मिसाइलों का मलबा पवित्र शहर मक्का और मदीना के क्षेत्रों में गिरा। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है। सऊदी नागरिक सुरक्षा ने ताफि, यानबू, मक्का और जेद्दा के निवासियों के लिए तत्काल चेतावनी जारी की थी, जिससे हड़कंप मच गया। हालांकि, करीब 10 मिनट बाद खतरे को टाल दिया गया।

हूतियों का दावा: तेल संयंत्रों को बनाया निशाना हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि उन्होंने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन, अरामको की यानबू फैसिलिटी और राबीघ ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं। साथ ही किंग खालिद इंटरनेशनल (रियाद), किंग फहद इंटरनेशनल (दम्माम), नजरान और खमीस मुशैत एयरबेस पर भी हमलों की पुष्टि करने की बात कही है।

अक्टूबर में हमलों की बाढ़, 12 लोगों की मौत सऊदी अरब पर पिछले कुछ हफ्तों से हमलों का सिलसिला लगातार तेज हुआ है। 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद एयरपोर्ट पर हुए भीषण हमले में 12 लोगों की मौत हो गई थी और 309 लोग घायल हुए थे। तब से अब तक हुए हमलों में कई बेकसूर नागरिकों की जान जा चुकी है।

एयर इंडिया की सेवाएं निलंबित क्षेत्र में बढ़ते तनाव के चलते एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपनी उड़ानों को निलंबित कर दिया है। रियाद और दम्माम के लिए उड़ानें 7 नवंबर 2026 तक, जबकि जेद्दा के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक बंद रहेंगी। एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों के लिए मुफ्त रीबुकिंग और रिफंड की सुविधा दी है।

क्या फिर बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? हूतियों के इस हमले ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल मचा दी है। सऊदी अरब के तेल संयंत्रों को निशाना बनाए जाने की खबरों के बाद कच्चे तेल की कीमतें 117 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। यदि यह तनाव जारी रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ भारत में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।

शांति समझौते पर लगा ग्रहण यह ताजा टकराव 2002 के संयुक्त राष्ट्र समर्थित संघर्ष विराम (Truce) के लिए बड़ा झटका है। एक ओर सऊदी समर्थित गठबंधन और दूसरी ओर सना पर काबिज हूती विद्रोही, इस लड़ाई ने क्षेत्रीय सुरक्षा को एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर ला खड़ा किया है। अब देखना यह होगा कि सऊदी अरब जवाबी कार्रवाई में क्या कदम उठाता है।

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