अराजकता से सत्ता पलटने की साजिश नाकाम होगी: ओपी चौधरी
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रायपुर। छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री ओपी चौधरी ने भारत की लोकतांत्रिक और संवैधानिक मजबूती पर जोर देते हुए चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अराजकता फैलाकर सत्ता बदलने की कोशिशें किसी भी हाल में सफल नहीं होंगी, क्योंकि भारत का लोकतंत्र जनता के जनादेश और संविधान की नींव पर टिका है।

लोकतंत्र बनाम रीजीम का फर्क ओपी चौधरी ने रीजीम (Regime) शब्द की परिभाषा समझाते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल अक्सर उन सत्ताओं के लिए होता है जिनकी वैधानिकता (Legitimacy) संदिग्ध होती है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहाँ सरकार का गठन करोड़ों नागरिकों के वोटों से होता है। यहाँ सत्ता की वैधता संविधान से आती है, न कि किसी तानाशाही फरमान से।

सत्ता परिवर्तन का सिर्फ एक ही रास्ता मंत्री ने दो टूक कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन का एकमात्र रास्ता चुनावी प्रक्रिया है। जनता मतदान के जरिए तय करती है कि कौन शासन करेगा। उन्होंने आगाह किया कि यदि कुछ तत्व अराजकता फैलाकर सरकार को अस्थिर करने या सत्ता पलटने का प्रयास करते हैं, तो यह लोकतंत्र के खिलाफ एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत की जागरूक जनता ऐसी किसी भी साजिश को कतई सफल नहीं होने देगी।

अंतरराष्ट्रीय साजिशों का अंदेशा ओपी चौधरी ने देश के भीतर जारी कथित अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्रों को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के लिए बाहरी और आंतरिक शक्तियाँ अराजकता फैलाने का प्रयास कर रही हैं। हालांकि, उन्होंने किसी विशिष्ट संगठन का नाम नहीं लिया, लेकिन देश की एकता और सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।

संविधान सर्वोपरि ओपी चौधरी ने अपने संबोधन के अंत में दोहराया कि भारतीय संविधान ही देश की शासन-प्रणाली का एकमात्र आधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक विरोध का लोकतंत्र में स्वागत है, लेकिन उस विरोध की आड़ में संवैधानिक ढांचे को चुनौती देना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की असली ताकत जनता है, जो संविधान के दायरे में रहकर ही लोकतंत्र की रक्षा कर सकती है।

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