क्या ब्रिटेन पर मंडरा रहा है युद्ध का साया? सरकार ने जारी किया 72 घंटे का इमरजेंसी अलर्ट
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ब्रिटेन की सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एक नई आपातकालीन सलाह जारी की है, जिसने पूरे देश में सुरक्षा को लेकर खलबली मचा दी है। बी रेडी (Be Ready) नाम के इस अभियान के तहत लोगों से कहा गया है कि वे अपने घरों में कम से कम 72 घंटे यानी तीन दिन का राशन और जरूरी सामान स्टॉक करके रखें।

आखिर क्यों दिया गया है यह अलर्ट?

सरकार का कहना है कि यह तैयारी किसी एक कारण से नहीं, बल्कि कई खतरों को ध्यान में रखकर है। इसमें शत्रु देशों के संभावित हमले, साइबर हमले और जरूरी बुनियादी ढांचे (जैसे बिजली, पानी और इंटरनेट) के अचानक ठप हो जाने जैसी स्थितियां शामिल हैं। हालांकि सरकार ने इसे किसी आसन्न रूसी हमले की चेतावनी नहीं माना है, लेकिन रूस और ब्रिटेन के बीच यूक्रेन युद्ध को लेकर बढ़ता तनाव इस चिंता का एक बड़ा कारण जरूर है।

क्या घर में रखना होगा सामान?

प्रशासन की इस गाइडलाइन के अनुसार, नागरिकों को सलाह दी गई है कि:

शत्रु देशों से खतरा और साइबर युद्ध का डर

ब्रिटिश रक्षा मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य के युद्ध सिर्फ सरहदों तक सीमित नहीं होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि साइबर अपराधी या शत्रु देश देश के डिजिटल पेमेंट सिस्टम, सुपरमार्केट की आपूर्ति शृंखला या बिजली ग्रिड को निशाना बना सकते हैं। यदि ऐसी सेवाएं अचानक बंद हो जाती हैं, तो सरकार चाहती है कि आम नागरिक शुरुआती तीन दिनों तक खुद को सुरक्षित रखने में सक्षम हों।

क्या यह रूस से डर का नतीजा है?

यूक्रेन को लगातार सैन्य सहायता देने के कारण रूस और ब्रिटेन के संबंध बेहद तनावपूर्ण हैं। मॉस्को ने कई बार ब्रिटेन को खुली धमकियां दी हैं। इसी कारण से सरकारी सलाह को लोग रूस के संभावित हमलों से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, ब्रिटिश सरकार का जोर इस बात पर है कि घबराएं नहीं, बस सतर्क रहें। यह तैयारी भविष्य में आने वाली किसी भी प्रकार की आपदा (प्राकृतिक या मानव निर्मित) के लिए सुरक्षा कवच साबित होगी।

यूरोप भी कर रहा है ऐसी तैयारी

ब्रिटेन अकेला ऐसा देश नहीं है जिसने अपने नागरिकों को ऐसी सलाह दी है। फ्रांस, नीदरलैंड और आयरलैंड जैसे यूरोपीय देश भी अपने नागरिकों को 72 घंटे की आपातकालीन तैयारी रखने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। सरकार का तर्क है कि यदि जनता खुद अपना प्रंबंध कर लेती है, तो आपातकालीन सेवाएं उन लोगों की जान बचाने पर ध्यान दे सकेंगी जिन्हें सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है।

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