क्या गरीब होना गुनाह है? फटे नोट के लिए डिलीवरी बॉय का अपमान और फिर मौत का दर्दनाक सच
News Image

दिल्ली के ईस्ट विनोद नगर से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। फ्लिपकार्ट मिनट्स के लिए काम करने वाले 24 वर्षीय डिलीवरी बॉय समीर हुसैन की मौत के मामले ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। महज 10 रुपये के एक फटे नोट के विवाद ने एक युवा की जान ले ली।

10 रुपये का विवाद और सरेआम बेइज्जती घटना 4 अक्टूबर की रात की है। समीर एक ऑर्डर डिलीवर करने ग्राहक रामपाल सिंह के घर गए थे। आर्डर की कीमत 150 रुपये थी। जब समीर ने ग्राहक से मिले 10 रुपये के फटे नोट को बदलने का आग्रह किया, तो ग्राहक और उसका पोता आगबबूला हो गए। समीर का आरोप है कि ग्राहक ने न केवल उन्हें तीन थप्पड़ मारे, बल्कि उनकी गरीबी और काम का मजाक उड़ाकर सरेआम अपमानित भी किया।

क्या गरीब होना कोई गाली है? इस घटना से आहत समीर ने खुदकुशी करने से पहले एक वीडियो बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में समीर रोते हुए पूछते हैं, क्या गरीब होना कोई गाली है? क्या हमारी कोई इज्जत नहीं है? समीर ने बताया कि वे साइकिल चलाकर ईमानदारी से मेहनत कर रहे थे, लेकिन उस रात हुई बेइज्जती ने उनकी आत्मसम्मान को पूरी तरह तोड़ दिया।

दो हफ्ते तक चली मौत से जंग अपमान और प्रताड़ना से टूटकर समीर ने 5 अक्टूबर को जहर खा लिया। उन्हें गंभीर हालत में लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जिंदगी और मौत के बीच करीब दो हफ्ते तक जूझने के बाद 20 अक्टूबर को उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत ने उनके परिवार और दोस्तों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

कानूनी कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी समीर की मौत के बाद पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) जोड़ दी है। पुलिस ने इस मामले में 65 वर्षीय रामपाल सिंह और उसके 30 वर्षीय पोते राकेश उर्फ बंटी को गिरफ्तार कर लिया है। समीर की मां का आरोप है कि आरोपियों ने अपनी पहुंच का हवाला देकर उन्हें धमकाया था।

सुरक्षा पर उठे सवाल यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स के साथ होने वाले दुर्व्यवहार की एक कड़वी सच्चाई है। लोग अब इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या चंद रुपये के लिए किसी के आत्मसम्मान को कुचलने का अधिकार किसी ग्राहक को है? समीर की मौत के बाद डिलीवरी वर्कर्स की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर अब बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

महाराष्ट्र MLC चुनाव: दिग्गजों ने डाला वोट, महायुति को जीत का भरोसा

Story 1

भारत बनाम न्यूजीलैंड 2nd T20I: जीत की लय बरकरार रखने उतरेगी टीम इंडिया, जानें कहां देखें लाइव

Story 1

भारत बनाम न्यूजीलैंड: दूसरे टी20 का महामुकाबला कब और कहां देखें? नोट कर लें तारीख और समय

Story 1

अंजलि अरोड़ा पर कानूनी शिकंजा: इवेंट छोड़ने का मामला पहुंचा 1.20 करोड़ के हर्जाने तक

Story 1

47 के प्रभास का धमाका: कल्कि 2 से सामने आया भैरव का पहला लुक, फैंस हुए उत्साहित

Story 1

अरुणाचल बॉर्डर पर चीन से उलझी भारतीय सेना: ITBP डीजी ने कबूली फेसऑफ की सच्चाई

Story 1

पुणे एमएलसी चुनाव: दोपहर 12 बजे तक 90 हजार से ज्यादा मतदाताओं ने डाले वोट

Story 1

कौन है जिंतिमणि कलिता? जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे डेब्यू कर चर्चा में आई असम की यह स्टार खिलाड़ी

Story 1

मतदाता सूची पुनरीक्षण पर संग्राम: दिल्ली में प्रदर्शनकारियों का चुनाव आयोग तक मार्च, CEC के इस्तीफे की मांग

Story 1

कनाडा जाने वाले थे नमन धीर, पिता की एक जिद ने बनाया टीम इंडिया का मैच विनर