eMudhra डेटा सेंध: सरकार ने दी सफाई, सुरक्षित हैं आपके डिजिटल सिग्नेचर
News Image

नई दिल्ली: डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी eMudhra की सुरक्षा में सेंध की खबरों के बीच सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। आईटी मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि इस घटना का असर आम नागरिकों की डिजिटल सिग्नेचर सेवाओं पर नहीं पड़ा है।

सरकार ने क्या कहा? आईटी मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में साफ किया है कि नियंत्रक प्रमाणन प्राधिकरण (CCA) के तहत आने वाली सभी डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) और eSign सेवाएं पूरी तरह सुरक्षित और अप्रभावित हैं। सरकार का यह बयान उन लाखों यूजर्स के लिए राहत लेकर आया है जो अपने बैंकिंग और सरकारी कार्यों के लिए इन सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं।

क्या था मामला? विवाद की शुरुआत तब हुई जब एक सुरक्षा शोधकर्ता ने दावा किया कि eMudhra के आठ इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट अथॉरिटी (CA) सर्टिफिकेट की निजी सिक्योरिटी कीज (private keys) कमजोर हैं। ये सर्टिफिकेट Mozilla, Microsoft, Apple और Chrome जैसे वैश्विक प्लेटफॉर्म्स के रूट प्रोग्राम का हिस्सा हैं।

eMudhra ने आठों सर्टिफिकेट किए रद्द मामला सामने आने के बाद eMudhra ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आठ प्रभावित सर्टिफिकेट को रद्द कर दिया है। कंपनी के अनुसार, इनमें से सात सर्टिफिकेट का उपयोग कभी प्रोडक्शन में नहीं किया गया था। वहीं, आठवें सर्टिफिकेट का उपयोग हुआ था, लेकिन उससे किसी भी एंड-यूज़र का सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया था।

सिस्टम से छेड़छाड़ नहीं हुई: कंपनी कंपनी का दावा है कि उनके सिस्टम या डेटाबेस के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। तकनीकी खामी के बारे में बताते हुए eMudhra ने कहा कि की जनरेशन प्रक्रिया के दौरान कुछ कीज कमजोर बन गई थीं। कंपनी के मुताबिक, यह तकनीकी त्रुटि करीब 18 महीने तक पकड़ में नहीं आई थी, जबकि इस दौरान दो स्वतंत्र ऑडिट भी हुए थे।

उपयोगकर्ताओं पर क्या होगा असर? सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, कमजोर निजी कीज का इस्तेमाल हमलावर फर्जी HTTPS सर्टिफिकेट बनाने के लिए कर सकते थे, जिससे वेबसाइटों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी ग्राहक की वेबसाइट इन कमजोर कीज से प्रभावित नहीं हुई है।

फिलहाल प्रभावित सर्टिफिकेट रद्द किए जा चुके हैं और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर दिया गया है। सरकार की स्पष्टीकरण ने इस अनिश्चितता के माहौल को शांत कर दिया है, लेकिन सुरक्षा ऑडिट की खामियों ने कंपनी की प्रक्रियाओं पर एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

मक्का के बाद बद्र का उदय: पाकिस्तान-तुर्की समेत 4 देशों की नई रक्षा घेराबंदी का असली खेल क्या है?

Story 1

एपस्टीन फाइल में हरदीप पुरी का नाम: ईमेल से मचा बवाल, विपक्ष के सवालों पर मंत्री ने दी सफाई

Story 1

मुंबई में जयशंकर-रुबियो की अहम बैठक: रक्षा, ऊर्जा और तकनीक पर बढ़ा भारत-अमेरिका का तालमेल

Story 1

सपा नेता राजकुमार भाटी का वीडियो वायरल: देवी-देवताओं को न पूजने की शपथ ली, फिर दी सफाई

Story 1

दिल्ली में 1 नवंबर से प्रदूषण पर महा-सर्जिकल स्ट्राइक , बाहरी वाहनों की एंट्री पर रोक

Story 1

सीएमआरएल मामला: सुप्रीम कोर्ट से पिनराई विजयन को बड़ी राहत, 7 दिन तक जांच पर रोक

Story 1

स्कूल बना अखाड़ा: प्रिंसिपल और लाइब्रेरियन के बीच जमकर चले लात-घूंसे, वीडियो वायरल

Story 1

मैदान पर झलके हरमनप्रीत के आंसू: तूफानी पारी के बाद भावुक हुईं पूर्व कप्तान

Story 1

टुकड़े-टुकड़े गैंग पर गिरिराज सिंह का बड़ा हमला, राहुल गांधी और विपक्ष को घेरा

Story 1

41 गेंदों में 91 रन, फिर इंटरव्यू में छलके आंसू; हरमनप्रीत कौर का वो इमोशनल पल जिसने सबको झकझोर दिया