जेफ्री एपस्टीन के साथ तस्वीरों पर घिरे हरदीप पुरी, विपक्ष ने खोला मोर्चा
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अमेरिका के कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की पुरानी तस्वीरें सामने आने के बाद भारत में सियासी पारा चढ़ गया है। विपक्ष ने मंत्री की इन मुलाकातों के उद्देश्य और उनकी सत्यता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

विपक्ष का तीखा हमला

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए सीधे प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया है। उन्होंने पूछा कि क्या अब भी किसी सबूत की जरूरत है कि दक्षिणपंथी विचारधारा महिलाओं का सम्मान क्यों नहीं करती? श्रीनेत ने पुरी के उस दावे पर कटाक्ष किया, जिसमें उन्होंने कभी अकेले न मिलने की बात कही थी।

प्रतिनिधिमंडल वाली थ्योरी पर सवाल

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने पुरी के पुराने वीडियो बयान को आधार बनाकर उन पर तंज कसा। पुरी ने पहले बताया था कि एपस्टीन से उनकी 3-4 मुलाकातें एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में हुई थीं। मोइत्रा ने तीखा सवाल किया कि यदि ये मुलाकातें आधिकारिक थीं, तो तस्वीरों में उनके साथ कोई अन्य प्रतिनिधि क्यों नजर नहीं आ रहा है?

NCP और शिवसेना (UBT) ने मांगी सफाई

NCP (SP) के प्रवक्ता अनीश गावंडे ने मांग की है कि सरकार इन मुलाकातों का पूरा विवरण सार्वजनिक करे। उन्होंने कहा कि मंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि इन बैठकों का राजनयिक उद्देश्य क्या था। वहीं, शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने भी प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए पूछा कि पुरी आखिर किसका संदेश लेकर एपस्टीन से मिलने गए थे।

क्या है हरदीप पुरी का पक्ष?

फरवरी में इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देते हुए हरदीप पुरी ने कहा था कि ये मुलाकातें संयुक्त राष्ट्र में उनके कार्यकाल के बाद और मंत्री बनने से पहले हुई थीं। उन्होंने दावा किया कि ये मुलाकातें इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट के एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में थीं। पुरी ने साफ किया था कि उनका एपस्टीन के आपराधिक मामलों से कोई लेना-देना नहीं था और ये बैठकें पूरी तरह पेशेवर थीं।

विवाद का केंद्र

विपक्ष का मुख्य जोर इस बात पर है कि तस्वीरों में पुरी और एपस्टीन जिस तरह से नजर आ रहे हैं, वे पेशेवर मुलाकातों जैसी नहीं लग रही हैं। हालांकि, अभी तक ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है जो यह साबित करे कि पुरी को एपस्टीन के अपराधों की जानकारी थी या वे किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल थे। बहरहाल, यह मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक गर्माने के आसार हैं।

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