ठाणे में अमेजन डेटा सेंटर पर रार: संजय राउत ने फडणवीस को लिखा पत्र, उठाई ये 8 बड़ी मांगें
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ठाणे के घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में प्रस्तावित अमेजन डेटा सेंटर के खिलाफ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इस परियोजना को तत्काल रोकने की मांग की है।

निवासियों की अनदेखी का आरोप राउत ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि 54 एकड़ में बनने वाले इस प्रोजेक्ट को स्थानीय नागरिकों की सहमति के बिना जबरन थोपा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। राउत का कहना है कि यह मुद्दा केवल औद्योगिक नहीं, बल्कि ठाणे की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा है।

अमेरिका में लगी रोक का दिया हवाला सांसद ने वैश्विक उदाहरणों का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका के न्यूयॉर्क और टेक्सास जैसे राज्यों में डेटा सेंटरों की स्थापना पर अस्थायी रोक लगाई गई है। उन्होंने सवाल किया कि जब वहां की 60 से 75 प्रतिशत आबादी रिहायशी इलाकों में ऐसे सेंटर के खिलाफ है, तो ठाणे में इसे प्राथमिकता क्यों दी जा रही है?

पानी और बिजली की भारी खपत पर चिंता राउत ने डेटा सेंटरों की कूलिंग प्रक्रिया के लिए इस्तेमाल होने वाले लाखों गैलन पानी और अत्यधिक बिजली की खपत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र पहले ही जल संकट से जूझ रहा है, ऐसे में यह परियोजना स्थानीय संसाधनों पर भारी बोझ डालेगी।

राउत की सरकार से 8 प्रमुख मांगें संजय राउत ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी 8 सूत्रीय मांगें रखी हैं:

  1. संयुक्त बैठक: नगर निगम, प्रदूषण बोर्ड, बिजली-जल प्राधिकरण और स्थानीय नागरिकों के प्रतिनिधियों की तत्काल बैठक बुलाई जाए।
  2. परमिट की पारदर्शिता: निर्माण, पानी, बिजली और पेड़ों की कटाई से जुड़े सभी कानूनी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं।
  3. तकनीकी जांच: परियोजना में पानी के उपयोग, स्रोत और कूलिंग तकनीक की स्वतंत्र विशेषज्ञों से जांच करवाई जाए।
  4. बिजली का आकलन: ग्रिड पर पड़ने वाले असर और बुनियादी ढांचे की लागत का खर्च कौन उठाएगा, इसे स्पष्ट किया जाए।
  5. पर्यावरण सुरक्षा: शोर और वायु प्रदूषण के असर का आकलन हो और जेनरेटरों की सीमा तय की जाए।
  6. खुली जनसुनवाई: प्रमोटर्स और अधिकारियों द्वारा नागरिकों के सवालों का सीधा जवाब देने के लिए जनसुनवाई आयोजित हो।
  7. नियमों का पालन: परमिट शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रोजेक्ट पर प्रतिबंध लगाया जाए।
  8. राज्य स्तरीय नीति: जब तक डेटा सेंटरों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश (पानी, बिजली, प्रदूषण) नहीं बन जाते, तब तक ठाणे प्रोजेक्ट पर रोक लगाई जाए।
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