महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल: चुनाव के बाद फिर CM बनेंगे एकनाथ शिंदे, प्रताप सरनाईक का बड़ा दावा
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महाराष्ट्र की राजनीति में दशहरा करीब आते ही बयानबाजी का स्तर तेज हो गया है। एक तरफ आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी है, तो दूसरी तरफ सत्तापक्ष के भीतर ही चल रही खींचतान ने माहौल गरमा दिया है।

चुनाव बाद शिंदे ही होंगे मुख्यमंत्री

शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता और मंत्री प्रताप सरनाईक ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा दावा किया है। सरनाईक ने कहा कि फिलहाल संख्या बल के कारण एकनाथ शिंदे उपमुख्यमंत्री की भूमिका में हो सकते हैं, लेकिन आगामी चुनाव में पार्टी बड़ी जीत हासिल करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता के समर्थन से एकनाथ शिंदे फिर से राज्य की कमान संभालेंगे और मुख्यमंत्री बनेंगे।

कार्यकर्ताओं को जनसेवा का निर्देश

शक्ति प्रदर्शन के बजाय सरनाईक ने कार्यकर्ताओं को मानवीय आधार पर काम करने की सलाह दी है। उन्होंने साफ निर्देश दिए हैं कि कार्यकर्ता सूखा प्रभावित किसानों तक पहुंचें और उन्हें भोजन, पानी तथा आर्थिक मदद उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि शिंदे सरकार का मुख्य उद्देश्य संकट में घिरे किसानों का संबल बनना है।

मीरा-भाईंदर में आयुक्त घेराव पर सियासी घमासान

मीरा-भाईंदर महानगरपालिका में उपजा विवाद भी अब तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता द्वारा भारी भीड़ के साथ मनपा आयुक्त के आवास पर देर रात किए गए घेराव पर प्रताप सरनाईक ने कड़ी आपत्ति जताई है।

सरनाईक ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखकर इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। उनका आरोप है कि भाजपा विधायक ने भीड़ का इस्तेमाल कर प्रशासन पर दबाव बनाने और झूठे मुकदमों को प्रभावित करने की कोशिश की है। उन्होंने मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

सफाई और बचाव

वहीं, दूसरी ओर विधायक नरेंद्र मेहता ने इन आरोपों को खारिज किया है। मेहता ने स्पष्ट किया कि आयुक्त के साथ उनकी बैठक पूर्व-निर्धारित थी। उनका दावा है कि वे केवल पुलिस की सूची से अनुपस्थित पार्षदों के नाम हटवाने के लिए चर्चा करने गए थे।

प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड पर रुख

प्रताप सरनाईक ने प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड पर भी अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने विपक्ष पर इस संवेदनशील मामले के राजनीतिकरण का गंभीर आरोप लगाया। सरनाईक ने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से स्वयं बात की है और राज्य सरकार उन्हें हर संभव कानूनी सहायता प्रदान करेगी।

फिलहाल, मीरा-भाईंदर का यह विवाद और आगामी चुनाव को लेकर दिया गया सरनाईक का बयान महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की ओर इशारा कर रहे हैं। प्रशासन और सरकार अब इस स्थिति को कैसे संभालते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

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