इटली में विरोध प्रदर्शन के नाम पर होने वाली हिंसा और लूटपाट अब प्रदर्शनकारियों को भारी पड़ने वाली है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने दंगाइयों पर लगाम लगाने के लिए एक कड़े सुरक्षा कानून को मंजूरी दी है। इस नए कानून का उद्देश्य सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उपद्रवियों में कानून का डर पैदा करना है।
पांच साल की जेल और भारी जुर्माना नए प्रावधानों के तहत, यदि प्रदर्शन के दौरान 5 या उससे अधिक लोगों का समूह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न करता है, तो उन्हें 5 साल तक की जेल हो सकती है। साथ ही, 20 हजार यूरो तक का भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यदि प्रदर्शनकारी अपना चेहरा ढकते हैं या किसी को घायल करते हैं, तो सजा और भी कड़ी हो जाएगी।
नाबालिगों की गलती, माता-पिता पर जिम्मेदारी इस कानून का सबसे चर्चा में रहने वाला हिस्सा नाबालिगों से जुड़ा है। यदि कोई नाबालिग प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ या लूटपाट में शामिल पाया जाता है, तो उसके माता-पिता को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करनी होगी। सरकार ने अधिकारियों को सीधे तौर पर हर्जाना वसूलने का अधिकार दिया है।
पुलिस को मिली और अधिक ताकत सरकार ने पुलिस की क्षमताओं का विस्तार किया है। अब पुलिस 14 से 17 साल के उन किशोरों को भी हिरासत में ले सकेगी, जिनके बारे में यह खुफिया जानकारी है कि वे भविष्य में हिंसक गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं। पहले यह अधिकार केवल वयस्कों के लिए सीमित था।
मेलोनी का बड़ा संदेश प्रधानमंत्री मेलोनी ने सोशल मीडिया पर साफ किया है कि विरोध करना एक लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन शहरों को नष्ट करना नहीं। उन्होंने कहा कि दुकानों में लूटपाट और तोड़फोड़ को क्रांतिकारी कदम नहीं, बल्कि अपराध माना जाएगा। सरकार का रुख स्पष्ट है कि सार्वजनिक संपत्ति को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
मिलान में 500 सैनिक तैनात हाल ही में उत्तरी इटली के विभिन्न शहरों में युवाओं के उग्र समूहों द्वारा की गई हिंसा और दुकानों में लूटपाट के बाद सरकार सतर्क है। मिलान शहर में आगामी प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 2026 के अंत तक 500 सैनिकों की तैनाती की जाएगी, जो संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा और निगरानी का जिम्मा संभालेंगे।
Manifestare è un diritto, devastare le nostre città no. Ecco le misure che abbiamo approvato per contrastare la violenza e tutelare la sicurezza dei cittadini. pic.twitter.com/kqk51X8YZa
— Giorgia Meloni (@GiorgiaMeloni) October 20, 2026
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