राघोपुर में पसरा मातम बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड के रामपुर श्यामचंद में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद इलाके में सन्नाटा पसरा है। इस त्रासदी में 13 बच्चों की जान चली गई। अपनों को खोने का दर्द झेल रहे परिवारों के बीच शिक्षक रौशन आनंद सुबह-सुबह पहुंचे और उन्हें ढांढस बंधाया।
आंसुओं से भीगी मुलाकात रौशन आनंद ने पीड़ित परिवारों को 3 लाख 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सौंपी। इस दौरान परिजन उनसे गले लगकर फूट-फूटकर रो पड़े। पीड़ितों का दुख देखकर रौशन आनंद खुद को रोक नहीं पाए और उनकी आंखें भी नम हो गईं। उन्होंने पीड़ित बच्चों की शिक्षा का पूरा जिम्मा उठाने का वादा किया।
मुख्यमंत्री की चुप्पी पर सवाल हादसे के बाद प्रशासनिक उदासीनता पर रौशन आनंद भड़क उठे। उन्होंने कहा कि पटना से राघोपुर की दूरी महज 30 मिनट की है, फिर भी मुख्यमंत्री का वहां न पहुंचना दुखद है। उन्होंने आरोप लगाया कि 8 और 20 सितंबर को जिला प्रशासन को इलाके की समस्याओं से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
चिराग पासवान को बिहार फर्स्ट की याद रौशन आनंद ने हाजीपुर के सांसद और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर निशाना साधा। उन्होंने बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट के नारे की याद दिलाते हुए कहा कि चिराग को पहले अपने संसदीय क्षेत्र राघोपुर की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर अस्पताल और एंबुलेंस की सुविधा बेहतर होती, तो मासूमों की जान बचाई जा सकती थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर सरकार घेरे में रौशन आनंद ने प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने राघोपुर में स्थायी रूप से एनडीआरएफ (NDRF) की टीम तैनात करने, ऑक्सीजन युक्त एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर दिया।
स्वास्थ्य मंत्री से औचक निरीक्षण की मांग उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से राघोपुर का दौरा करने की अपील की है। रौशन आनंद का कहना है कि कागजी दावों से अलग धरातल पर स्वास्थ्य सेवाओं की असलियत जानी जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो भविष्य में ऐसी त्रासदियां दोबारा देखने को मिल सकती हैं।
बता दें कि इस हादसे के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए राघोपुर सीओ को हटा दिया है और दो अन्य अधिकारियों के वेतन पर रोक लगा दी है।
*वैशाली: राघोपुर नाव हादसे के पीड़ित परिवारों से मिले शिक्षक रौशन आनंद. उन्होंने ₹3.25 लाख की आर्थिक मदद दी और बच्चों की शिक्षा में सहयोग का भरोसा दिलाया. परिजनों का दर्द देख वे भी भावुक हो गए. उन्होंने अस्पताल, ऑक्सीजनयुक्त एंबुलेंस और NDRF टीम की तैनाती की मांग की.#Vaishali… pic.twitter.com/Nq3XVUjHqe
— Prabhat Khabar (@prabhatkhabar) October 16, 2026
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