रक्षा क्षेत्र में भारत की दहाड़: 2000 स्टार्टअप्स और बजट का 75% अब स्वदेशी कंपनियों के नाम
News Image

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नेशनल डिफेंस कॉन्क्लेव-2026 में भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार के बड़े कदमों का खाका पेश किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना अब पूरी तरह से आधुनिक और स्वदेशी तकनीकों पर केंद्रित है।

स्वदेशीकरण पर विशेष जोर रक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार रक्षा बजट का 75% हिस्सा भारतीय कंपनियों पर खर्च कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य विदेशी निर्भरता को समाप्त कर घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देना है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए इसे तकनीकी युद्ध में भारत की बढ़ती क्षमता का शानदार उदाहरण बताया।

509 रक्षा उपकरणों का अनिवार्य उत्पादन आत्मनिर्भरता को मजबूती देने के लिए सरकार ने अब तक 5 पॉजिटिव इंटिग्रेशन लिस्ट्स जारी की हैं। इनमें 509 रक्षा उपकरण, हथियार और प्लेटफॉर्म शामिल हैं, जिनका उत्पादन अब केवल भारत की धरती पर ही अनिवार्य है। जल्द ही छठी लिस्ट भी जारी की जाएगी, जिससे स्वदेशी उत्पादन को और गति मिलेगी।

स्टार्टअप्स बने रक्षा के तकनीकी पार्टनर राजनाथ सिंह ने बताया कि 2018 में जहां रक्षा क्षेत्र में कुछ दर्जन स्टार्टअप थे, वहीं आज उनकी संख्या 2,000 के पार पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि वह देश की सुरक्षा का टेक्नोलॉजिकल पार्टनर बन चुका है। मंत्रालय ने कई स्टार्टअप्स को आर्थिक सहायता प्रदान कर प्रोटोटाइप विकसित करने में मदद दी है।

500 से अधिक कंपनियां, रिकॉर्ड रक्षा निर्यात देश में रक्षा उत्पादन का इकोसिस्टम तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में 500 से अधिक कंपनियां रक्षा विनिर्माण (Defence Manufacturing) के क्षेत्र में सक्रिय हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम कर रहा है, जिससे रक्षा निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। अब भारत कई देशों को अपने स्वदेशी हथियार निर्यात कर रहा है।

अस्थिरता और 5D सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की तैयारी मौजूदा वैश्विक परिदृश्य पर चिंता जताते हुए रक्षा मंत्री ने 5D सिक्योरिटी थ्रेट्स (दुष्प्रचार और अस्थिरता) का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश इस समय अस्थिरता के दौर से गुजर रहे हैं, जिसमें दुष्प्रचार एक बड़ी भूमिका निभा रहा है। ऐसे में भारत अपनी आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और निजी भागीदारी को प्राथमिकता देकर खुद को सुरक्षित बनाने में जुटा है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

कांग्रेस सांसद अकोइजम पर सियासी घमासान: यौन उत्पीड़न के आरोपों पर घिरी कांग्रेस, तिरंगा यात्रा पर BJP-JDU की सख्त चेतावनी

Story 1

चौथे टी20 में भारत की हार से भड़के सुनील गावस्कर, बल्लेबाजों को जमकर सुनाई खरी-खोटी

Story 1

साहब, घर में आटा तक नहीं है : बुजुर्ग महिला की बेबसी देख पुलिस अफसर का पसीजा दिल, वायरल हुआ वीडियो

Story 1

छोटे व्यापारियों के लिए सुनहरा मौका: MSME मंत्रालय उठाएगा विदेश यात्रा का खर्च, ऐसे करें आवेदन

Story 1

निजी हमलों पर बिफरीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता: विपक्ष से पूछे तीखे सवाल, पंजाब से JNU तक घेरा

Story 1

सिक्सर किंग बने अभिषेक शर्मा: सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़ रचा इतिहास

Story 1

राज्यपाल बनते ही विवादों में घिरे बृज मोहन राम, ओडिशा में BJP को मजबूत करने वाले बयान पर मचा बवाल

Story 1

कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च की हुंकार: गिरफ्तारी पर बोले अभिजीत दीपके- हम जेल जाने को तैयार

Story 1

क्या भारत में बांग्लादेश-श्रीलंका जैसे हालात पैदा करना चाहते हैं राहुल? गिरिराज सिंह का तीखा हमला

Story 1

भगवान नहीं, इंसान हैं राम : रामायण के नए प्रोमो ने बदली कहानी की दिशा, दुनिया भर में गूंजेगा भारतीय महाकाव्य