मुंबई के तटीय इलाकों को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने एक बड़ा कदम उठाया है। वर्सोवा में निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का काम अब अपने अंतिम चरण में है। बीएमसी ने स्पष्ट कर दिया है कि परियोजना को हर हाल में 31 मार्च 2027 तक पूरा करना अनिवार्य है।
काम में तेजी के लिए बढ़ेगा मैनपावर परियोजना की समीक्षा करते हुए अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त अभिजीत बांगर ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। फिलहाल साइट पर 340 कर्मचारी काम कर रहे हैं, जिनकी संख्या 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाकर 500 करने का लक्ष्य रखा गया है। काम को चौबीसों घंटे चालू रखने के लिए इसे तीन शिफ्टों में विभाजित किया गया है।
समय सीमा न चूकने की चेतावनी बीएमसी ने ठेकेदार को सख्त लहजे में हिदायत दी है कि यदि परियोजना निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी नहीं होती है, तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। परियोजना का लिक्विड लाइन (सेकेंडरी ट्रीटमेंट) का काम 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जबकि संपूर्ण प्लांट का काम मार्च 2027 तक पूरा होना है।
180 मिलियन लीटर मलजल का होगा शोधन इस प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 180 मिलियन लीटर मलजल शोधन की है। इसमें अत्याधुनिक सिक्वेंशियल बैच रिएक्टर (SBR) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जो हानिकारक प्रदूषकों को पानी से अलग कर उसे साफ करने में सक्षम है।
इन इलाकों को मिलेगा सीधा लाभ इस प्लांट के शुरू होने से वर्सोवा, अंधेरी (पूर्व और पश्चिम), जुहू और विलेपार्ले जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों के गंदे पानी के प्रबंधन में बड़ी मदद मिलेगी। इससे न केवल इन इलाकों में जल निकासी की समस्या हल होगी, बल्कि समुद्र में गिरने वाले प्रदूषित पानी पर रोक लगेगी, जिससे तटीय जल की गुणवत्ता में सुधार होगा।
अत्याधुनिक मशीनों की हुई समीक्षा निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने प्लांट के इनलेट-आउटलेट व्यवस्था, पंप हाउस, स्लज प्रोसेसिंग यूनिट और एरेशन ब्लोअर्स समेत सभी यांत्रिक और विद्युत उपकरणों की बारीकी से जांच की। बीएमसी का जोर इस बात पर है कि काम की गति के साथ-साथ गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
मुंबई महानगरातील पर्यावरण संरक्षणाच्या दृष्टीने बृहन्मुंबई महानगरपालिकेकडून वेसावे येथे मलजल प्रक्रिया केंद्राची (STP) उभारणी करण्यात येत आहे. अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (प्रकल्प) श्री. अभिजीत बांगर यांनी मलजल प्रक्रिया केंद्र प्रकल्पस्थळास भेट देऊन पाहणी केली. तसेच, प्रकल्पाच्या स्थापत्य, यांत्रिकी तसेच विद्युत अभियांत्रिकी कामांचा सविस्तर आढावा घेतला. या मलजल प्रक्रिया केंद्रांचे संपूर्ण काम दिनांक ३१ मार्च २०२७ पर्यंत पूर्ण करण्यासाठी अतिरिक्त मनुष्यबळ नेमावे आणि कामाचा वेग अधिक वाढवावा, असे निर्देश श्री. बांगर यांनी दिले. वेसावे (वर्सोवा) येथील अस्तित्त्वातील खारक्षेत्र (Lagoon) मध्ये मलजल प्रक्रिया केंद्र उभारले जात आहे. सुमारे १८० दशलक्ष लीटर प्रतिदिन क्षमतेच्या प्रकल्पाची संरचनाविषयक कामे पूर्ण झाली आहेत. प्रकल्पाची भौतिक प्रगती ८० टक्के झाली आहे. या मलजल प्रक्रिया केंद्रात सांडपाण्यातील हानिकारक कचरा आणि प्रदूषके काढून टाकण्यासाठी सिक्वेन्शियल बॅच रिऍक्टर (SBR) तंत्रज्ञान पद्धतीचा वापर केला जाणार आहे. वेसावे, अंधेरी पश्चिम, अंधेरी पूर्व, जुहू आणि विलेपार्ले परिसरातील नागरिकांना फायदा होणार आहे. मलजल प्रक्रिया केंद्राच्या उभारणीमुळे वेसावे आणि जवळपासच्या पश्चिम उपनगरातील किनारपट्टीच्या पाण्याच्या दर्जामध्ये मोठी सुधारणा होणार आहे. अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (प्रकल्प) श्री. अभिजीत बांगर यांनी प्रकल्प स्थळाच्या पाहणीदरम्यान मलजल प्रक्रियेसाठी आवश्यक असलेल्या विविध प्रक्रिया टाक्या, इनलेट व आउटलेट व्यवस्था, पंप हाऊस, स्लज प्रक्रिया युनिट, अंतर्गत पाइपलाइन तसेच अन्य स्थापत्य कामांच्या प्रगतीचा आढावा घेतला. यासोबतच पंप, एरेशन ब्लोअर्स, स्क्रीनिंग व स्लज प्रक्रिया यंत्रणा, विविध यांत्रिक उपकरणे आणि पाइपिंगच्या उभारणीची पाहणी केली. विद्युत अभियांत्रिकी कामांचादेखील त्यांनी आढावा घेतला. मलजलावर द्वितीय स्तरीय (Secondary) प्रक्रिया करण्यासाठी आवश्यक व्यवस्था (Liquid line) उभारण्याचे काम दिनांक ३१ डिसेंबर २०२६ पर्यंत, तर संपूर्ण प्रकल्पाचे काम ३१ मार्च २०२७ पर्यंत पूर्ण करण्याचे उद्दिष्ट आहे. या विहीत कालावधीत संपूर्ण प्रकल्प पूर्ण झाला नाही तर कंत्राटदारावर दंडात्मक कारवाई करावी, असे स्पष्ट निर्देश श्री. बांगर यांनी दिले. सद्यस्थितीत प्रकल्पस्थळी दररोज ३४० मनुष्यबळ कार्यरत आहे. मात्र, प्रकल्पपूर्ततेचे उद्दिष्ट साध्य करण्यासाठी दिनांक ३१ ऑक्टोबर २००६ पर्यंत उपलब्ध मनुष्यबळ ५०० पर्यंत वाढविण्याची दक्षता घ्यावी. प्रकल्प पूर्णत्वास येईपर्यंत अतिरिक्त मनुष्यबळाची कुमक कायम ठेवावी, तीन सत्रांंमध्ये (Shift) मनुष्यबळ कार्यरत ठेवावे. प्रकल्पाचे काम विहित वेळेत पूर्ण करण्यासाठी सर्व कामे समांतर पद्धतीने आणि वेगाने पूर्ण करावीत. कामाच्या ठिकाणी गुणवत्ता, सुरक्षितता आणि कार्यक्षमता यांना सर्वोच्च प्राधान्य द्यावे, असे निर्देश अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (प्रकल्प) श्री. अभिजीत बांगर यांनी दिले. प्रमुख अभियंता (मुंबई मलनि:सारण प्रकल्प) श्री. राजेंद्र परब तसेच संबंधित अधिकारी उपस्थित होते. #MyBMCUpdates @CMOMaharashtra @mieknathshinde @SunetraA_Pawar @ShelarAshish @MPLodha @TawdeRitu @misanjayghadi
— माझी Mumbai, आपली BMC (@mybmc) October 14, 2026
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