जंतर-मंतर पर तिरंगा बना सियासी जंग का केंद्र: राहुल से केजरीवाल तक, विपक्षी नेताओं ने सरकार को घेरा
News Image

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी ने देश की सियासत में उबाल ला दिया है। जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के आरोप में हुई इस कार्रवाई के बाद पूरा विपक्ष केंद्र सरकार के खिलाफ लामबंद हो गया है।

क्या है पूरा मामला? हाल ही में दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से बाहर कर दिया था। इसके विरोध में 13 अक्टूबर को CJP के नेता सौरव दास, आशुतोष रांका और उनके समर्थकों ने जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने पहले उन्हें हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां से उन्हें पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

विपक्ष का एकजुट हमला इस गिरफ्तारी को लेकर इंडिया गठबंधन के प्रमुख नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे कायरतापूर्ण कदम करार देते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने कहा, अलग-अलग बैनर, लेकिन मकसद एक है। हम जंतर-मंतर को फिर से प्रदर्शन स्थल के रूप में बहाल करेंगे।

स्टालिन और केजरीवाल ने उठाए सवाल डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि वे कितने युवाओं की आवाज दबाएंगे? उन्होंने चेतावनी दी कि जेल में डालने से आंदोलन और तेज होगा। वहीं, अरविंद केजरीवाल ने सवाल किया, क्या अपने ही देश में तिरंगा लहराना अब अपराध हो गया है? यह बेहद बेतुका है।

आदित्य ठाकरे और अभिषेक बनर्जी की कड़ी टिप्पणी शिवसेना (यूबीटी) के आदित्य ठाकरे ने इस कार्रवाई को तानाशाही बताया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक लोकतंत्र वापस नहीं मिल जाता। टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने तंज कसते हुए कहा, खुद को राष्ट्रवादी बताने वाले अब तिरंगा फहराने पर युवाओं को जेल भेज रहे हैं। यह सरकार का नया पाकिस्तान जैसा भारत है।

अभिजीत दीपके का आभार विपक्षी दलों से मिल रहे जोरदार समर्थन के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सभी नेताओं का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जेल में बंद अपने साथियों की फोटो साझा करते हुए लिखा कि पुलिस की यह कार्रवाई उनके हौसले को नहीं तोड़ सकती।

फिलहाल, विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी के विरोध में लामबंद है। यह मामला अब केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच एक नया बड़ा राजनीतिक संघर्ष बन चुका है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

कराची के मंदिर में गूंजे गरबे के सुर: पाकिस्तान में नवरात्रि की अनोखी रौनक

Story 1

अंकिता भंडारी केस: इंडिया गेट पर आधी रात को बवाल , हिरासत से रिहा हुए माता-पिता; सरकार पर बरसी कांग्रेस

Story 1

ध्रुव राठी की बढ़ीं मुश्किलें: 2018 के मानहानि मामले में कोर्ट ने जारी किया नया समन

Story 1

राजधानी एक्सप्रेस में अब कंबल नहीं, प्रीमियम फ्लोरल कॉमफर्टर्स का मिलेगा आराम

Story 1

बिकने जा रहा IDBI बैंक: 52,878 करोड़ की मेगा डील, अब कौन होगा नया मालिक?

Story 1

मोदी जैसे गुंडों के आगे झुकना नहीं : सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर भड़के अभिजीत दीपके

Story 1

स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार: जो अमेठी न जीत सके, वे अब सत्ता की गुहार लगा रहे

Story 1

अंकिता भंडारी केस: इंडिया गेट पर माता-पिता को हिरासत में लिए जाने पर बवाल, सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम

Story 1

आज की 10 बड़ी खबरें: IDBI का मेगा सौदा, जर्मनी में भारतीयों की मौत और हूती हमले से दहला मिडिल ईस्ट

Story 1

मुखर्जी नगर का ग्राउंड जीरो दौरा: CM रेखा गुप्ता का एक्शन, छात्रों की समस्याओं पर दिए कड़े निर्देश