दिल्ली/चेन्नई: मोदी सरकार में सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी राज्यसभा सदस्यता भी छोड़ दी है। इस अचानक आए फैसले से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
राष्ट्र सर्वोपरि, पार्टी बाद में और मैं अंत में मुरुगन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और तमिलनाडु की सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। उन्होंने भावुक होते हुए लिखा, एक दिहाड़ी मजदूर का बेटा केंद्रीय मंत्रिपरिषद तक पहुंचा, यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है।
क्यों लिया चौंकाने वाला फैसला? इस्तीफे के पीछे का मुख्य कारण तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करना है। मुरुगन ने साफ किया कि अब वह सत्ता के गलियारों से हटकर जमीनी स्तर पर काम करना चाहते हैं। 2029 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए, वह अपना पूरा ध्यान तमिलनाडु में भाजपा के जनाधार को बढ़ाने और कार्यकर्ताओं के बीच रहने पर केंद्रित करेंगे।
2030 तक था कार्यकाल डॉ. मुरुगन मध्य प्रदेश कोटे से राज्यसभा सांसद थे और उनका कार्यकाल 2030 तक बाकी था। मंत्री पद छोड़ने का उनका निर्णय यह दर्शाता है कि पार्टी अब दक्षिण भारत के राज्यों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां भाजपा अपनी पैठ मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रही है।
कानूनी विशेषज्ञ से केंद्रीय मंत्री तक का सफर डॉ. मुरुगन का राजनीतिक करियर काफी प्रभावशाली रहा है। 1997 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ने वाले मुरुगन मद्रास उच्च न्यायालय के वकील भी रहे हैं। वे भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
दक्षिण भारत में भाजपा की नई रणनीति विश्लेषकों का मानना है कि मुरुगन की घर वापसी (राज्य में सक्रियता) भाजपा की दक्षिण भारत में विस्तार की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। आने वाले समय में तमिलनाडु की राजनीति में मुरुगन का सक्रिय होना वहां के समीकरणों को बदल सकता है।
It has been the greatest honour of my life to serve Bharat Mata and Tamil Nadu under the leadership of Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi Ji.
— Dr.L.Murugan (@DrLMurugan) October 13, 2026
From the son of daily wage labourers to serving in the Union Council of Ministers under the leadership of Hon’ble PM Shri… pic.twitter.com/V9zUtaQVI0
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