न्यूजीलैंड टेस्ट से पहले टीम इंडिया की बढ़ी मुश्किलें: रणजी में स्टार खिलाड़ियों का फ्लॉप शो बना चिंता का सबब
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रणजी ट्रॉफी 2026-27 के पहले ही दौर में भारतीय टेस्ट टीम के प्रमुख बल्लेबाजों का खराब प्रदर्शन चर्चा का विषय बन गया है। 19 नवंबर से शुरू होने वाली न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज से पहले स्टार प्लेयर्स की नाकामी ने टीम मैनेजमेंट और सिलेक्टर्स की नींद उड़ा दी है।

ओपनिंग साझेदारी पर मंडराया संकट

न्यूजीलैंड की पिचों पर तेज गेंदबाजों और स्विंग का सामना करना किसी भी बल्लेबाज के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में यशस्वी जायसवाल (0) और केएल राहुल (4) का घरेलू स्तर पर सस्ते में आउट होना बड़े खतरे की घंटी है। अगर ओपनर्स का आत्मविश्वास ही डगमगाया होगा, तो कीवी धरती पर नई गेंद का सामना करना टीम इंडिया के लिए घातक साबित हो सकता है।

कीवी गेंदबाजों के लिए आसान होगा रास्ता

वेलिंगटन और क्राइस्टचर्च की हरी घास वाली पिचें अपनी गति और स्विंग के लिए जानी जाती हैं। भारतीय बल्लेबाज इस समय रणजी में जिस तरह की लय से जूझ रहे हैं, अगर वह बरकरार रही तो न्यूजीलैंड के स्विंग गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजी लाइनअप को ताश के पत्तों की तरह बिखेर सकते हैं। फॉर्म में न होना कीवी गेंदबाजों को मनोवैज्ञानिक बढ़त देने जैसा है।

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप पर पड़ सकता है असर

यह सीरीज केवल द्विपक्षीय नहीं, बल्कि ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की राह तय करने वाली है। लॉर्ड्स में होने वाले खिताबी मुकाबले में जगह पक्की करने के लिए भारत को हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। यहां एक भी हार टीम इंडिया के फाइनल खेलने के सपने को चकनाचूर कर सकती है।

मिडिल ऑर्डर पर दबाव और विकल्पों का अभाव

टॉप ऑर्डर के फेल होने का सीधा असर मिडिल ऑर्डर पर पड़ता है। बल्लेबाज अपनी स्वाभाविक आक्रामक बल्लेबाजी करने के बजाय रक्षात्मक खेलने को मजबूर हो जाते हैं। चिंता की बात यह भी है कि देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन जैसे युवा दावेदार भी पहले राउंड में प्रभावित नहीं कर सके। ऐसे में अगर मुख्य खिलाड़ी फेल होते हैं, तो टीम के पास बैकअप के रूप में कोई भी इन-फॉर्म विकल्प मौजूद नहीं है।

क्या अभी भी उम्मीद बची है?

राहत की बात बस इतनी है कि न्यूजीलैंड टेस्ट शुरू होने में अभी करीब एक महीने का समय है। इस बीच भारतीय टीम को वनडे और टी20 सीरीज के साथ-साथ रणजी ट्रॉफी के अगले राउंड्स भी खेलने हैं। टीम इंडिया के इन दिग्गजों के पास दूसरी पारियों में क्रीज पर समय बिताकर अपनी लय वापस पाने का आखिरी मौका होगा। टीम प्रबंधन को उम्मीद होगी कि ये खिलाड़ी समय रहते अपनी गलतियों को सुधार लेंगे।

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