जेलेंस्की को हटाना चाहते हैं ट्रंप? रूस से डीजल डील और यूक्रेन के भविष्य पर मचे बवाल की पूरी कहानी
News Image

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। ट्रंप ने मांग की है कि यूक्रेन को अब एक ऐसा नया नेता चुनना चाहिए जो रूस के साथ युद्ध खत्म करने के लिए समझौता कर सके। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और रूस के बीच डीजल आपूर्ति को लेकर एक बड़ा समझौता हुआ है।

ट्रंप क्यों हैं जेलेंस्की से नाराज? ट्रंप ने जेलेंस्की पर समझौता न करने और रूस के साथ युद्ध को खींचने का आरोप लगाया है। ट्रंप का सबसे बड़ा गुस्सा यूक्रेन द्वारा रूस की तेल रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों को लेकर है। ट्रंप का मानना है कि इन हमलों के कारण रूस का डीजल उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिससे पूरी दुनिया में ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं। खबरों के अनुसार, अमेरिका ने यूक्रेन से कम से कम 6 बार ये हमले रोकने के लिए कहा था, जिसे जेलेंस्की ने अनसुना कर दिया।

रूस से डीजल डील और गहराता संकट 9 अक्टूबर को राष्ट्रपति ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन के बीच 90 मिनट की लंबी फोन वार्ता हुई। इसके तुरंत बाद, अमेरिका ने रूसी डीजल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने का फैसला किया। ट्रंप का तर्क है कि इससे वैश्विक बाजार में ईंधन की कीमतें नीचे आएंगी। वहीं, जेलेंस्की ने इस कदम को रूस को आर्थिक राहत देना और एक कमजोर फैसला करार दिया है।

हमलों का खूनी सिलसिला प्रतिबंधों में ढील के कुछ ही घंटों बाद, रूस ने यूक्रेनी शहर जापोरिज्जिया पर भीषण हमला किया, जिसमें 20 लोगों की जान चली गई। जेलेंस्की का आरोप है कि रूस को आर्थिक राहत देने का इनाम यूक्रेन को नागरिक इमारतों पर बमबारी के रूप में मिला है। पिछले कुछ दिनों में यूक्रेन में रूसी हमलों में करीब 80 नागरिक मारे जा चुके हैं, जिससे शांति की उम्मीदें और धुंधली हो गई हैं।

ट्रंप की चुनौती और राजनीतिक मजबूरी अमेरिका में ईंधन की बढ़ती कीमतें ट्रंप के लिए गले की हड्डी बनी हुई हैं। वहां डीजल की कीमतें छह डॉलर प्रति गैलन के स्तर को छू रही हैं, जिससे परिवहन और कृषि लागत बढ़ गई है। नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव (Midterm Elections) के मद्देनजर, ट्रंप अपनी पार्टी की छवि सुधारने के लिए किसी भी कीमत पर ईंधन के दाम कम करना चाहते हैं।

क्या जेलेंस्की को हटाना मुमकिन है? संवैधानिक रूप से, यूक्रेन का राष्ट्रपति कौन होगा, यह पूरी तरह से यूक्रेनी जनता का निर्णय है। यूक्रेन के कानून के मुताबिक, मार्शल लॉ के दौरान चुनाव नहीं कराए जा सकते। ट्रंप का यह बयान केवल एक राजनीतिक दबाव की रणनीति हो सकती है। हालांकि, इससे यह स्पष्ट हो गया है कि अमेरिका अब युद्ध के बजाय अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।

शांति वार्ता की डगमगाती नींव इस विवाद से शांतिकाल की संभावनाओं को करारा झटका लगा है। मियामी में चल रही अंतरराष्ट्रीय वार्ता के बीच इस डीजल डील ने यूक्रेन को अलग-थलग कर दिया है। जहां एक ओर अमेरिकी वार्ताकार मास्को जाने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं पुतिन ने स्पष्ट किया है कि यूक्रेन द्वारा ड्रोन हमलों के कारण फिलहाल वार्ता की राह कठिन है। युद्ध का यह नया दौर अब कूटनीति से ज्यादा तेल और राजनीति के इर्द-गिर्द घूम रहा है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजाम पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप, राहुल गांधी से जवाब तलब

Story 1

भारत के खिलाफ मंडाला आर्ट वाली जर्सी में उतरेगी कीवी टीम, जानिए क्या है इसकी खासियत

Story 1

तमिलनाडु के मंच से CM विजय की PM मोदी से 6 बड़ी मांगें: मेट्रो से लेकर नदियों को जोड़ने तक, जानें क्या-क्या कहा?

Story 1

जेलेंस्की को हटाना चाहते हैं ट्रंप? रूस से डीजल डील और यूक्रेन के भविष्य पर मचे बवाल की पूरी कहानी

Story 1

बिग बॉस 20 में मिट्ठू डॉन की धमाकेदार एंट्री: विवादों से पुराना नाता, क्या घर में मचाएंगे तहलका?

Story 1

महाकाल की शरण में गौतम गंभीर: इंदौर टी20 से पहले मांगी जीत की दुआ

Story 1

भारत-न्यूजीलैंड संबंधों के 100 साल: कीवी टीम ने लॉन्च की खास एकता जर्सी

Story 1

बाघ के बाड़े में कूदा शख्स, मौत के जबड़ों में फंसकर गवाई जान

Story 1

वोट चोरी के आरोपों पर सियासी हलचल: CJI से मिलेंगे खरगे और राहुल गांधी, सरकार पर साधा निशाना

Story 1

यूपी बीजेपी को करारा झटका: दो बार के सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने थामा समाजवादी पार्टी का हाथ