जंतर-मंतर संग्राम: दिल्ली में CJP, AAP और AISA के 10 दिग्गज नेता हिरासत में, ध्रुव राठी की मौजूदगी ने बढ़ाई हलचल
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नई दिल्ली: 10 अक्टूबर का दिन दिल्ली में भारी राजनीतिक उठापटक भरा रहा। जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले ही दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), आम आदमी पार्टी (AAP) और आइसा (AISA) के 10 प्रमुख चेहरों को हिरासत में ले लिया है। इलाके में धारा 163 लागू होने के चलते पुलिस ने किसी भी तरह के जमावड़े पर सख्त पाबंदी लगा रखी थी।

कौन-कौन आया पुलिस की गिरफ्त में? हिरासत में लिए गए लोगों में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और लीगल हेड रत्ना सिंह शामिल हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, सांसद संजय सिंह, दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधायक दुर्गेश पाठक को भी प्रदर्शन के लिए निकलते ही पुलिस ने डिटेन कर लिया। इनके अलावा AISA की नेत्री नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया गया है।

प्लेन के अंदर से गिरफ्तारी का वीडियो वायरल इस कार्रवाई की सबसे हैरान करने वाली तस्वीर CJP के संस्थापकों की रही। अभिजीत दीपके और उनके साथियों को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही प्लेन के भीतर से हिरासत में लिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें पुलिस विमान के अंदर ही इन नेताओं को हिरासत में लेती हुई दिखी।

ध्रुव राठी का नाम क्यों है चर्चा में? इस पूरे घटनाक्रम में यूट्यूबर ध्रुव राठी का नाम सबसे अधिक चर्चा का विषय बना हुआ है। राठी, जिनका किसी भी औपचारिक राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है, हाल ही में जर्मनी से भारत लौटे थे। उन्होंने खुले तौर पर CJP के आंदोलन का समर्थन किया था। एक स्वतंत्र डिजिटल क्रिएटर के तौर पर उनकी मौजूदगी और हिरासत ने इस पूरे मामले को राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बना दिया है।

किस बात पर था प्रदर्शन का ऐलान? CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया था। उनका मुख्य आरोप मतदाता पंजीकरण और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में भारी अनियमितताओं का था। प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विरोध दर्ज कराना चाहते थे।

पुलिस की दलील और कानूनी सख्ती दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया था। अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन के लिए बहुत कम समय पहले आवेदन दिया गया, जो नियमों के खिलाफ है। इसके साथ ही, नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू थी, जो चार से अधिक लोगों के जमा होने पर रोक लगाती है। पुलिस ने साफ किया कि कानून-व्यवस्था और यातायात को सुचारू रखने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।

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