दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता में आए डेढ़ साल का समय बीत चुका है। इन 18 महीनों में सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू की गई इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं को न केवल सुरक्षित माहौल देना है, बल्कि उन्हें विकास की मुख्यधारा में भी जोड़ना है।
सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा: सीसीटीवी और स्ट्रीट लाइट का जाल महिलाओं की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए शहर भर में 50,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और एक लाख से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। इसका मुख्य उद्देश्य सुनसान और अंधेरे इलाकों में निगरानी बढ़ाना है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि केवल उपकरण लगाना काफी नहीं है, बल्कि इनका 24x7 सक्रिय रहना और खराब होने पर त्वरित मरम्मत भी उतनी ही जरूरी है।
परिवहन में सुरक्षा: तैनात हैं 3,000 से ज्यादा बस मार्शल सार्वजनिक परिवहन को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली की बसों में 3,085 से अधिक बस मार्शल तैनात किए गए हैं। यह कदम कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के लिए राहत भरा है। इन मार्शलों की उपस्थिति से न केवल छेड़छाड़ की घटनाओं पर लगाम लगने की उम्मीद है, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिलने का भरोसा भी बढ़ा है।
आर्थिक राहत: त्योहारों पर मुफ्त एलपीजी और बिना गारंटी लोन सरकार ने घरेलू बजट का ख्याल रखते हुए होली और दिवाली पर मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की योजना शुरू की है। वहीं, आत्मनिर्भर बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये तक के बिना गारंटी वाले लोन की घोषणा की गई है। यह छोटे स्तर पर कारोबार शुरू करने वाली महिलाओं के लिए एक बड़ा अवसर है, हालांकि, इसकी प्रक्रिया और पात्रता नियमों का सरलीकरण करना सरकार के लिए असली चुनौती होगी।
स्वास्थ्य और संकट प्रबंधन: वन स्टॉप सेंटर और वैक्सीनेशन संकट में फंसी महिलाओं की मदद के लिए वन स्टॉप सेंटर की स्थापना की गई है, जहाँ उन्हें पुलिस, कानूनी और चिकित्सा सहायता एक ही छत के नीचे मिलेगी। स्वास्थ्य के मोर्चे पर, मातृत्व लाभ के साथ-साथ सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी (HPV) वैक्सीनेशन पर जोर दिया जा रहा है। यह पहल महिलाओं की दीर्घकालिक सेहत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
रात की शिफ्ट और सुरक्षा का भरोसा सरकार ने रात की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष दिशा-निर्देशों पर काम किया है। कार्यस्थलों पर सुरक्षा और सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करना सरकार का लक्ष्य है। इससे महिलाओं के लिए करियर के दायरे बढ़ेंगे और उन्हें सुरक्षा के डर से अपने काम के घंटे सीमित नहीं करने पड़ेंगे।
निष्कर्ष: वादों से जमीन तक का सफर दिल्ली सरकार की 1.5 साल की रिपोर्ट कार्ड में सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी योजनाएं शामिल हैं। अब असली परीक्षा इन योजनाओं के ग्राउंड लेवल इंप्लीमेंटेशन की है। क्या ये सुविधाएं अंतिम छोर पर खड़ी महिला तक बिना किसी परेशानी के पहुंच रही हैं? यह देखना महत्वपूर्ण होगा। सुरक्षा की भावना केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत और पारदर्शी क्रियान्वयन से ही पैदा होती है।
In just 1.5 years, under the guidance of Hon’ble PM Shri @narendramodi Ji, Delhi Government led by Chief Minister Smt. Rekha Gupta has taken concrete action to strengthen women’s safety, healthcare, welfare and economic empowerment.
— CMO Delhi (@CMODelhi) October 10, 2026
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