जीएसटी (GST) का सामना कर रहे छोटे कारोबारियों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में टैक्स दरों के बजाय अनुपालन को आसान बनाने पर पूरा जोर दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में लिए गए इन फैसलों से कागजी कार्रवाई और कानूनी झंझट काफी कम हो जाएंगे।
गिरफ्तारी के प्रावधानों में बड़ी ढील काउंसिल ने जीएसटी कानून में सुधार करते हुए गिरफ्तारी के प्रावधानों को हटाने की सिफारिश की है। अब अभियोजन (prosecution) की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही, सामान्य जुर्माने की राशि को 25,000 रुपये से घटाकर 10,000 रुपये करने का निर्णय लिया गया है।
रिफंड के लिए अब नहीं होगा लंबा इंतजार रिफंड प्रक्रिया को अब काफी तेज कर दिया गया है। रिफंड क्लेम का समय 15 दिन से घटाकर 10 दिन कर दिया गया है। यदि 10 दिनों के भीतर कोई नोटिस नहीं मिलता है, तो क्लेम को स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा। इतना ही नहीं, रिफंड का आदेश अब पावती मिलने के महज तीन कामकाजी दिनों के भीतर जारी कर दिया जाएगा।
नोटिस का झंझट खत्म छोटे नोटिसों के कारण होने वाली परेशानी से भी राहत मिलेगी। अब 10,000 रुपये से कम की राशि के लिए कोई नोटिस जारी नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि डेटा एंट्री की मामूली गलतियों के कारण हर साल हजारों नोटिस भेजे जाते थे, जिनसे केवल परेशानी होती थी।
इनपुट टैक्स क्रेडिट का विस्तार सरकार ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दायरा बढ़ा दिया है। अब कर्मचारियों के स्वास्थ्य और जीवन बीमा, टेलीकॉम टावर और फैक्ट्री के बाहर बिछी पाइपलाइन पर भी क्रेडिट मिल सकेगा। इसके अतिरिक्त, एक्सपायरी के कारण नष्ट हुए स्टॉक और फ्री सैंपल पर भी अब आईटीसी का लाभ मिलेगा।
रजिस्ट्रेशन और ई-कॉमर्स में सहूलियत रजिस्ट्रेशन फॉर्म को अब सरल बनाया जाएगा, जिसमें आवेदक को केवल जरूरी जानकारी ही देनी होगी। साथ ही, ई-कॉमर्स के जरिए बेचने वाले छोटे विक्रेताओं को हर राज्य में अलग दफ्तर लेने की जरूरत नहीं होगी। वे ई-कॉमर्स ऑपरेटर के गोदाम को ही अपना प्रमुख स्थान घोषित कर सकेंगे।
माल की आवाजाही पर सख्ती अब किसी भी वाहन को रास्ते में तब तक नहीं रोका जाएगा, जब तक कि कोई ठोस खुफिया जानकारी न हो। इसके लिए भी संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी की पूर्व मंजूरी अनिवार्य कर दी गई है, जिससे बेवजह की छापेमारी और देरी से मुक्ति मिलेगी।
👉 Recommendations of the 57th Meeting of the GST Council
— Ministry of Finance (@FinMinIndia) October 8, 2026
👉 GST Council recommends removal of arrest provisions under GST
👉 GST Council recommends raising prosecution threshold from ₹1 crore to ₹5 crore
👉 GST Council recommends reduction in general penalty from ₹25,000… pic.twitter.com/RW51e2CvRa
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