पुराना वीडियो वायरल: जब केजरीवाल ने चुनाव आयोग को सौंपे थे 8 लाख फर्जी वोटरों के सबूत
News Image

दिल्ली में मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) और लाखों लोगों के नाम हटाने को लेकर आम आदमी पार्टी और चुनाव आयोग के बीच जारी घमासान के बीच, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। इस वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

भाजपा का तीखा हमला भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव हरीश द्विवेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केजरीवाल का 11 साल पुराना एक वीडियो साझा किया है। इसमें केजरीवाल तत्कालीन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दिल्ली की मतदाता सूची में भारी धांधली का आरोप लगा रहे हैं।

भाजपा नेता ने तंज कसते हुए लिखा, ये 2015 के अरविंद केजरीवाल हैं, जो दिल्ली में 8 लाख डुप्लीकेट वोटरों का सबूत चुनाव आयोग को देते थे। अब SIR प्रक्रिया में फर्जी वोटरों को हटाए जाने पर वही केजरीवाल फिर पलटी खा गए हैं।

क्या कहा था केजरीवाल ने? वीडियो में केजरीवाल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा कर रहे हैं कि दिल्ली की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी है। उन्होंने कहा, दिल्ली में लगभग 4 लाख लोगों के साढ़े 11 लाख वोट बने हुए हैं। यानी एक ही व्यक्ति के नाम पर 2, 3 या 4 वोटर कार्ड जारी किए गए हैं। इसका सीधा मतलब है कि सिस्टम में करीब 8 लाख फर्जी वोट मौजूद हैं।

उन्होंने आगे तर्क दिया था कि जब मतदाता सूची में इतने अधिक फर्जी नाम शामिल हों, तो निष्पक्ष चुनाव कैसे संभव है? केजरीवाल ने दावा किया था कि उन्होंने इन विसंगतियों का डेटा और सीडी चुनाव आयोग को सौंपी है।

वर्तमान विवाद की पृष्ठभूमि गौरतलब है कि दिल्ली में हाल ही में संपन्न विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद जारी मसौदा मतदाता सूची से 47.56 लाख लोगों के नाम हटा दिए गए हैं। इसके अलावा करीब 33 लाख लोगों को विसंगतियों के चलते नोटिस भेजे गए हैं।

इस कार्रवाई के बाद आम आदमी पार्टी समेत तमाम विपक्षी दल लामबंद हो गए हैं। विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेताओं ने हाल ही में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) से मुलाकात कर इस प्रक्रिया को रद्द करने और हटाए गए नामों को पुनः सूची में शामिल करने की मांग की है।

विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की यह कार्रवाई एक सोची-समझी साजिश है, जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया नियमों के तहत और पारदर्शिता के साथ की गई है। पुराने वीडियो के वायरल होने के बाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

10 अक्टूबर को दिल्ली में हाई अलर्ट : 43 हजार जवान तैनात, मेट्रो-ट्रेन पर बड़ी पाबंदियां

Story 1

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी को क्यों नहीं मिली प्रदर्शन की अनुमति? दिल्ली पुलिस ने गिनाई ये ठोस वजहें

Story 1

बेटे से मिलने के लिए पिता का खौफनाक कदम: वीडियो वायरल कर दी आत्महत्या की धमकी, सिस्टम से मांगी मदद

Story 1

एक कचौड़ी, दो समोसा... : रांची टी20 से पहले ईशान किशन का देसी अंदाज हुआ वायरल

Story 1

सुजुकी की पहली इलेक्ट्रिक कार e SKY : 13 लाख में 310 किमी की रेंज, BYD की बैटरी से लैस

Story 1

मौत को चकमा देकर बची जान: डंपर के नीचे आने से बाल-बाल बची स्कूटी सवार युवती, CCTV में कैद रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर

Story 1

पुडुचेरी उपचुनाव में AINRC की बड़ी जीत, असम की नागांव सीट पर भाजपा का दबदबा

Story 1

जिस पति के लिए अपनों को छोड़ा, उसने ही दिया धोखा: गीता की व्यथा ने इंटरनेट पर छीड़े कई सवाल

Story 1

बिग बॉस 20: स्काउट और लव गिल की बढ़ती नजदीकियों पर भड़कीं आम्रपाली, कहा- पार्टनर्स को होता है बुरा महसूस

Story 1

2027 वनडे वर्ल्ड कप: टीम इंडिया के लिए खतरे की घंटी, रोहित-जडेजा समेत इन 10 धुरंधरों पर बाहर होने का संकट