छात्रों पर लाठीचार्ज गलत, उन्हें बच्चों जैसा समझें: मुरली मनोहर जोशी
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नई दिल्ली: बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने देश के मौजूदा हालात, छात्रों के प्रदर्शन और चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों को लेकर बड़ी बात कही है। जोशी ने साफ तौर पर छात्रों पर हो रहे बल प्रयोग की निंदा की है।

छात्र हमारे बच्चे हैं, लाठीचार्ज समाधान नहीं छात्रों के प्रदर्शन और उन पर हुई पुलिसिया कार्रवाई पर मुरली मनोहर जोशी ने सख्त टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, छात्रों की जायज मांगों को सहानुभूति के साथ सुना जाना चाहिए। लाठीचार्ज का तरीका किसी भी स्तर पर सही नहीं है, इससे कोई समाधान नहीं निकल सकता।

जोशी ने नसीहत देते हुए कहा कि छात्र हमारे बच्चे हैं। जैसे एक पिता अपने बच्चे की समस्याओं को सुनकर उन्हें समझाता है, सरकार को भी छात्रों के साथ वैसा ही व्यवहार करना चाहिए। उन्हें भगाना या उन पर बल प्रयोग करना गलत है।

चुनाव प्रक्रिया और संविधान पर जोर देश में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के जारी प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर पूछे गए सवाल पर जोशी ने कहा कि लोकतंत्र में चुनी हुई सरकार की जवाबदेही सर्वोपरि है।

उन्होंने स्पष्ट किया, जनता की सरकार बनी रहनी चाहिए, बशर्ते चुनाव निष्पक्ष हों और नौकरशाही पूरी तरह पारदर्शी रहे। अगर कहीं भी संविधान का उल्लंघन होता है, तो सुप्रीम कोर्ट को उस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।

विपक्ष की भूमिका और जिम्मेदारी विपक्षी दलों के प्रदर्शन को लेकर वरिष्ठ नेता ने कहा कि विपक्ष संवेदनशील और जिम्मेदार है। उनके पास एक वैकल्पिक कार्यक्रम है। उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र की पूरी प्रक्रिया संविधान के दायरे में ही चलनी चाहिए।

नई शिक्षा नीति पर क्या बोले? राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को लेकर पूछे गए सवाल पर पूर्व मानव संसाधन विकास (HRD) मंत्री जोशी ने कहा कि अभी इस नीति का मूल्यांकन करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि यह अभी शुरुआती दौर है और इसे लागू करने का काम चल रहा है। इसके वास्तविक परिणाम समय के साथ ही सामने आएंगे।

बता दें कि विपक्षी दल पिछले कुछ दिनों से वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेदों की खबरों को लेकर लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं।

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