चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का तीसरा दिन: लंच मीटिंग के बाद राजघाट पहुंचे राहुल-प्रियंका
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन गुरुवार (8 अक्टूबर) को तीसरे दिन भी जारी रहा। विपक्षी सांसद दिल्ली की सड़कों पर उतरकर लगातार अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।

कनॉट प्लेस में बनी आगे की रणनीति प्रदर्शन के तीसरे दिन की शुरुआत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा बुलाई गई एक लंच मीटिंग से हुई। कनॉट प्लेस के मोएट्स रेस्टोरेंट में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी समेत तमाम बड़े विपक्षी नेता जुटे। लंच के बाद सभी नेता बसों में सवार होकर राजघाट की ओर रवाना हुए।

राहुल गांधी के मोदी-शाह पर तीखे हमले राहुल गांधी ने इस आंदोलन को लोकतंत्र की लड़ाई करार दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे आपराधिक साजिश बताया। राहुल ने कहा, करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण धरना देना चाहते हैं, लेकिन हमें हर जगह रोका जा रहा है। यह केवल इंडिया ब्लॉक का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक के वोट के अधिकार की रक्षा का सवाल है।

जहां रोकेंगे, वहीं करेंगे प्रदर्शन विपक्ष का रुख बेहद आक्रामक है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दो टूक शब्दों में कहा कि उनका एजेंडा स्पष्ट है—ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन उन्हें जहां भी रोकेगा, वे वहीं विरोध प्रदर्शन शुरू कर देंगे। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वे गांधी स्मारक पर जाकर शांतिपूर्ण प्रार्थना करेंगे ताकि सरकार को सद्बुद्धि मिल सके।

क्यों मचा है सियासी बवाल? इस विरोध प्रदर्शन की जड़ में मतदाता सूची का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इसमें धांधली कर मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की साजिश रची जा रही है। इसी के चलते वे पिछले तीन दिनों से सड़क पर हैं। इससे पहले जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने राहुल-प्रियंका समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया था।

दिल्ली में सुरक्षा का कड़ा पहरा विपक्ष के लगातार बढ़ते विरोध को देखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मध्य दिल्ली और महत्वपूर्ण सरकारी दफ्तरों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 8 से 12 अक्टूबर तक अतिरिक्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की तैनाती की गई है। फिलहाल, राजघाट पर विपक्षी नेताओं का जमावड़ा जारी है।

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