चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया ब्लॉक का बिगुल: लंच पॉलिटिक्स के बाद राहुल गांधी का जंतर-मंतर कूच, बोले- इस्तीफा देना ही होगा
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दिल्ली में विपक्षी दलों का शक्ति प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर इंडिया ब्लॉक ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में लंच डिप्लोमेसी के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत तमाम विपक्षी सांसद सीधे जंतर-मंतर के लिए रवाना हो गए।

राहुल गांधी की दो-टूक: ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा जंतर-मंतर रवाना होने से पहले राहुल गांधी ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार देश के वैध CEC नहीं हैं। उन्होंने साफ किया कि कल की पुलिसिया सख्ती विपक्ष को रोक नहीं पाएगी। राहुल ने चुनौती देते हुए कहा, मेरे खिलाफ पहले से 45 FIR दर्ज हैं, मैं चाहता हूं कि ये 100 हो जाएं। हम पीछे नहीं हटेंगे।

दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स तैनात विपक्ष के अचानक जंतर-मंतर कूच करने के ऐलान के बाद दिल्ली पुलिस और आरएएफ (RAF) को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। पिछले प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन के पास बवाल के बाद पुलिस इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है।

लंच पॉलिटिक्स और रणनीति पर मंथन इससे पहले, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंडिया ब्लॉक के सांसदों के लिए एक विशेष लंच आयोजित किया था। लगभग डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में सरकार के खिलाफ भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई। खड़गे ने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर अब पूरे देश में जाएगा और जनता को बताएगा कि उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ कैसे खिलवाड़ हो रहा है।

FIR का डर नहीं: कांग्रेस कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चाहे वे हजारों FIR दर्ज कर लें, लेकिन विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा। गौरतलब है कि 6 अक्टूबर को आकाशवाणी भवन परिसर में 8 घंटे तक चले धरने और वहां जबरन घुसने के आरोप में राहुल और प्रियंका गांधी के खिलाफ पहले ही FIR दर्ज की जा चुकी है।

क्यों है बवाल? विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग में आंतरिक मतभेद हैं। पिछले 10 महीनों में चुनाव आयुक्तों के बीच फैसलों को लेकर 14 बार असहमति सामने आई है। इंडिया ब्लॉक का दावा है कि आयोग बिना पारदर्शिता के निर्णय ले रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। अब जंतर-मंतर पर होने वाला यह प्रदर्शन सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की विपक्ष की बड़ी कवायद माना जा रहा है।

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