दिल्ली: वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और फॉर्म 6 में बदलाव को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच जंग छिड़ गई है। मंगलवार को 300 से अधिक विपक्षी सांसदों ने संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च निकाला, जिन्हें पुलिस ने आकाशवाणी भवन के पास ही रोक दिया। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य दिग्गज नेताओं ने सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया।
सांसदों को रोकना लोकतंत्र का अपमान सड़क पर बैठे राहुल गांधी ने कहा कि वे यहां किसी विवाद के लिए नहीं, बल्कि करोड़ों मतदाताओं के हितों की रक्षा के लिए आए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव आयोग का दफ्तर मात्र 50 गज की दूरी पर है, तो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जनप्रतिनिधियों से मिलने से क्यों बच रहे हैं? उन्होंने कहा, 300 सांसदों को इस तरह रास्ते में रोक देना लोकतंत्र का अपमान है।
लोकतंत्र को हाईजैक किया गया राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने वोट चोरी के जरिए देश को हाईजैक किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। राहुल ने कहा, जो देश के लोकतंत्र के साथ किया गया है, वह देशद्रोह है। इसमें शामिल ज्ञानेश कुमार समेत किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा।
इस्तीफे की मांग और पुलिस की कार्रवाई विपक्षी सांसदों की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत इस्तीफा दें। इलाके में सुरक्षा के मद्देनजर धारा 163 लागू की गई थी, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प भी हुई। कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। राहुल गांधी ने पुलिस को चुनौती देते हुए कहा, अगर आप हमें यहां से हटाना चाहते हैं, तो बस इतना बताइए कि इस देश में हम कहां जाकर बैठ सकते हैं?
विवाद की जड़: क्या है SIR और फॉर्म 6 का पेंच? यह विरोध प्रदर्शन एक गंभीर रिपोर्ट के बाद तेज हुआ, जिसमें दावा किया गया कि SIR प्रक्रिया के दौरान दो चुनाव आयुक्तों ने 14 आपत्तियां दर्ज कराई थीं, जबकि आयोग ने इसे सर्वसम्मति का फैसला बताया। इसके अलावा, फॉर्म 6 में कथित संशोधनों को लेकर भी विवाद है। विपक्ष का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंजूरी न दिए जाने के बावजूद इसमें बदलाव किए गए हैं।
विपक्ष का लोकतंत्र बचाओ मोर्चा इस प्रदर्शन में इंडिया गठबंधन के अलावा बीजू जनता दल (BJD) जैसी पार्टियां भी साथ खड़ी नजर आईं। सीपीआई सांसद पी. संदोष कुमार ने कहा कि सांसदों को हिरासत में लेना समाधान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब आंदोलन तब तक तेज होगा जब तक चुनाव आयोग जवाबदेही तय नहीं करता और मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते।
#WATCH | Delhi | Continuing his protest inside Akashvani Bhavan premises, Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, We don t have any problem with protesting here...We will continue our protests here...If they (Delhi Police) are uncomfortable with us protesting here, they can provide us… pic.twitter.com/lwNk0rgmMP
— ANI (@ANI) October 6, 2026
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