भारत-अमेरिका ट्रेड डील: अब और रियायतें नामुमकिन, सख्त रुख अपनाएंगी वित्त मंत्री सीतारमण
News Image

म्यूनिख: भारत और अमेरिका के बीच चल रही बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील एक निर्णायक मोड़ पर आकर रुक गई है। म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अब दोनों देशों के बीच रियायतों का दौर समाप्त हो चुका है।

रियायतें देने की सीमा खत्म वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि बातचीत अभी भी जारी है, लेकिन दोनों पक्ष अब एक ऐसे ‘प्लेटो’ (स्थिर स्थिति) पर पहुंच गए हैं, जहां से आगे किसी भी पक्ष का झुकना बेहद मुश्किल है। सीतारमण के अनुसार, अतिरिक्त समझौतों की गुंजाइश अब न के बराबर बची है।

व्यापार घाटा और अमेरिका का दबाव भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संतुलन भारत के पक्ष में मजबूती से झुका हुआ है। भारत अमेरिका को बड़े पैमाने पर सॉफ्टवेयर, दवाएं, कपड़े और रत्नों का निर्यात करता है, जिसके मुकाबले अमेरिका का निर्यात भारत में कम है।

इसी व्यापारिक घाटे को पाटने के लिए वाशिंगटन लगातार भारत पर अपनी डेयरी, कृषि उत्पादों और मेडिकल उपकरणों के लिए भारतीय बाजार को और अधिक खोलने का दबाव बना रहा है।

घरेलू हितों से समझौता नहीं वित्त मंत्री ने साफ कर दिया कि भारत अपनी घरेलू अर्थव्यवस्था, छोटे किसानों और एमएसएमई (MSME) सेक्टर के हितों की अनदेखी नहीं कर सकता। श्रम-प्रधान क्षेत्रों को सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए बातचीत में अब और रियायत देना भारत के आर्थिक हितों के खिलाफ हो सकता है।

टैरिफ बना हथियार सीतारमण ने वैश्विक व्यापार नीति पर चिंता जताते हुए कहा कि कभी आपसी सहमति का जरिया रहा टैरिफ अब एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। अमेरिका अपने व्यापार घाटे को कम करने के लिए एकतरफा टैरिफ लगाने की धमकी या कार्रवाई कर रहा है, जो व्यापारिक संबंधों के लिए चुनौतीपूर्ण है।

क्या है 2030 तक का लक्ष्य? फरवरी 2025 से शुरू हुई इस ट्रेड वार्ता का उद्देश्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। फरवरी 2026 में एक अंतरिम समझौते की रूपरेखा तैयार की गई थी, जिसमें आईटी और फार्मा क्षेत्र को बढ़ावा देने पर सहमति बनी थी। लेकिन अब, एक व्यापक समझौते के लिए चल रही लंबी बातचीत अब अपनी अंतिम सीमाओं पर है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

OTT वीकली अपडेट: 5 से 11 अक्टूबर के बीच आ रही हैं ये धमाकेदार फिल्में और सीरीज, घर बैठे लें मनोरंजन का आनंद

Story 1

आप मुसलमानों से नहीं, सिर्फ उनके वोटों से प्यार करते हैं : ओवैसी का सपा पर तीखा प्रहार

Story 1

आजम खान के घर पहुंचे स्वामी प्रसाद मौर्य, योगी सरकार पर बोला तीखा हमला

Story 1

मेडिसिन में नोबेल का ऐलान: ऑप्टोजेनेटिक्स के जादू से अब दिमाग को रोशनी से कंट्रोल करना हुआ मुमकिन

Story 1

बिहार पुलिस दारोगा भर्ती: रिजल्ट रद्द होने से भड़के अभ्यर्थी, पटना की सड़कों पर मचा बवाल

Story 1

जर्मन चांसलर की कीव यात्रा के बीच रूस का बड़ा हमला, पुतिन ने दी विदेशियों को शहर खाली करने की चेतावनी

Story 1

खतरों के खिलाड़ी 15 के विनर अविनाश मिश्रा: छोटे पर्दे के अंडरडॉग से रियलिटी शो के किंग तक का सफर

Story 1

बिहार MLC चुनाव: नीरज कुमार की राह में अनंत मुश्किलें, फिर भी NDA का दावा- जीतेंगे सभी 8 सीटें

Story 1

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को घेरा: किसने दी फॉर्म-6 में बदलाव की इजाजत?

Story 1

फ्रांस में छात्र आंदोलन की आग: 500 स्कूल बंद, 5 हजार से ज्यादा गिरफ्तार