DSP बनने का सपना, हाथ में गोल्ड मेडल: एशियन गेम्स जीतकर लौटीं गोल्डन गर्ल प्राची का भव्य स्वागत
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सहारनपुर की बेटी प्राची चौधरी ने जापान के आइची-नागोया में संपन्न हुए 2026 एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया है। एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली प्राची ने न केवल देश का मान बढ़ाया, बल्कि अपने संकल्प की अटूट शक्ति का भी परिचय दिया है।

गोल्ड और ब्रॉन्ज का डबल धमाका प्राची ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो पदक अपने नाम किए। उन्होंने महिलाओं की 400 मीटर व्यक्तिगत स्पर्धा में 53.21 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक (ब्रॉन्ज) जीता। वहीं, 4x400 मीटर रिले रेस में भारतीय टीम का हिस्सा बनकर उन्होंने स्वर्ण पदक (गोल्ड) हासिल किया। इस जीत में उनके साथ किरण पहल, एमआर पूवम्मा और विथ्या रामराज भी शामिल रहीं।

सहारनपुर में ढोल-नगाड़ों से हुआ स्वागत शुक्रवार को जब प्राची अपने गृह नगर सहारनपुर पहुंचीं, तो समर्थकों का सैलाब उमड़ पड़ा। दिल्ली एयरपोर्ट से लेकर सहारनपुर तक उनका जोरदार स्वागत हुआ। परिजनों ने उन्हें कंधों पर उठाकर जीत का जश्न मनाया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों ने फूल-मालाओं से लादकर एथलीट को सम्मानित किया।

गोल्ड से पहले ही सिलवा ली थी DSP की वर्दी प्राची की कहानी में सबसे दिलचस्प मोड़ उनका पुलिस अधिकारी बनने का जुनून है। उत्तर प्रदेश सरकार की खेल नीति के अनुसार, स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे DSP का पद दिया जाता है। प्राची का इतना अटूट विश्वास था कि उन्होंने एशियन गेम्स में जाने से पहले ही अपनी DSP की वर्दी सिलवा ली थी। अब उनका लक्ष्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी इस वर्दी को आधिकारिक रूप से पहनने का है।

सहारनपुर स्टेडियम से वर्ल्ड चैंपियनशिप तक का सफर प्राची का सफर सहारनपुर के स्थानीय स्टेडियम से शुरू हुआ था। जिला क्रीड़ा अधिकारी राहुल चोपड़ा के अनुसार, उनके कोचों ने उनकी प्रतिभा को बचपन में ही पहचान लिया था। बेंगलुरु में कठोर प्रशिक्षण और परिवार के समर्थन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया। फिलहाल, रेलवे में कार्यरत प्राची पहले ही जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक दल विकास अधिकारी के पद पर भी नियुक्त हो चुकी हैं।

अगला लक्ष्य: वर्ल्ड चैंपियनशिप एशियन गेम्स की सफलता के बाद प्राची अब रुकने वाली नहीं हैं। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय अपने माता-पिता और देशवासियों को दिया है। प्राची का अगला बड़ा लक्ष्य आगामी वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतना है। उन्होंने समाज को संदेश देते हुए कहा कि यदि बेटियों को सही अवसर और परिवार का साथ मिले, तो वे दुनिया के किसी भी मंच पर भारत का परचम लहरा सकती हैं।

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