मतदाता सूची पर घमासान: ग्वालियर-इंदौर में सड़क पर उतरी कांग्रेस, CEC के इस्तीफे की मांग
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भोपाल। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर उपजा राजनीतिक विवाद अब उग्र रूप ले चुका है। बुधवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर और इंदौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस सड़कों पर उतर आई है।

ग्वालियर में झड़प, पुलिस बैरिकेड्स पर हुई तनातनी

ग्वालियर में कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर जमा हुए। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब कुछ कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में घुसने के लिए पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को पार करने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।

इंदौर में भी गूंजे विरोध के स्वर

ग्वालियर के अलावा इंदौर में भी कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। यहां कार्यकर्ताओं ने न केवल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की, बल्कि SIR प्रक्रिया को पूरी तरह से रोकने की भी अपील की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे इस मुद्दे पर तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जवाबदेही तय नहीं हो जाती।

पारदर्शिता पर सवाल और कांग्रेस के आरोप

कांग्रेस का आरोप है कि SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है। पार्टी का दावा है कि इस प्रक्रिया के दौरान सुनियोजित तरीके से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाताओं की जानकारी और डेटा राजनीतिक दलों के लिए पारदर्शी तरीके से उपलब्ध होना चाहिए, ताकि धांधली की कोई गुंजाइश न रहे।

चुनाव आयोग का पक्ष और संवैधानिक तर्क

दूसरी ओर, चुनाव आयोग इन आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है। आयोग का कहना है कि SIR प्रक्रिया मतदाता सूची को अद्यतन, शुद्ध और त्रुटिहीन बनाने का एक संवैधानिक हिस्सा है। इसके तहत पुराने या गलत नाम हटाकर पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया नियमों के दायरे में रहकर ही की जा रही है।

क्या अब राष्ट्रीय स्तर पर तेज होगा आंदोलन?

SIR का मुद्दा अब केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है। कांग्रेस ने इसे राज्य, जिला और बूथ स्तर तक आंदोलन के रूप में ले जाने का निर्णय लिया है। विपक्षी INDIA गठबंधन भी इस मुद्दे पर एकजुट हो रहा है, ताकि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ एक संयुक्त रणनीति तैयार की जा सके। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले को लेकर याचिका दाखिल की गई है, जिस पर जल्द सुनवाई होने की उम्मीद है।

आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है, क्योंकि कांग्रेस ने राज्यव्यापी आंदोलन के संकेत दे दिए हैं। फिलहाल, प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति को टालने के लिए संवेदनशील इलाकों में पैनी नजर बनाए हुए है।

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